घर पर ताज़ी, रसायन-रहित मटर उगाना आजकल कई घरों में किचन गार्डनिंग का हिस्सा बन गया है। मटर न सिर्फ संतुलित आहार का हिस्सा है बल्कि यह छोटे गमले, बालकनी या छत पर सुखद शौक के रूप में भी उगाई जा सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सही तरीके और थोड़ी देखभाल से कुछ ही दिनों में मटर की ग्रोथ शुरू हो सकती है — चाहे आप शुरुआत कर रहे हों या पहले से गार्डनर हों।
सही तरीके से मटर उगाने के आसान चरण
अच्छा बीज चुनें और भिगोएं
घर में मटर उगाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चयन करें। ताज़ा, साबुत और स्वस्थ मटर बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और बेहतर ग्रोथ देते हैं। बोने से पहले बीज को लगभग 8-10 घंटे पानी में भिगो दें, जिससे अंकुरण प्रक्रिया तेज होती है।
मिट्टी और गमले की तैयारी
मटर को हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी की जरूरत होती है। इसके लिए आप बगीचे की मिट्टी में गोबर की अच्छी खाद और थोड़ी रेत मिला सकते हैं। 10-12 इंच गहरे गमले या ग्रो बैग का उपयोग करें — यह जड़ों को फैलने और हवा पहुँचने में मदद करेगा।
बोने की विधि और दूरी
भिगोए हुए बीजों को मिट्टी में लगभग 1-1.5 इंच गहराई पर बोएं। गमले में बीजों के बीच थोड़ा-सा अंतर रखें ताकि प्रत्येक पौधा पर्याप्त जगह पा सके। मिट्टी को हल्का पानी दें, परंतु अधिक गीला न रखें, क्योंकि ज्यादा पानी बीजों को सड़ने का कारण बन सकता है।
देखभाल और ग्रोथ टिप्स
धूप और पानी का संतुलन
मटर के पौधे को रोज़ 4-5 घंटे की धूप की आवश्यकता होती है। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी मिले। पानी तभी दें जब मिट्टी ऊपर से हल्की सूखी लगे — अधिक पानी देना पौधों को नुकसान पहुँचा सकता है।
सपोर्ट और वृद्धि
जैसे-जैसे पौधा बड़ा होने लगे, इसे सहारा देने के लिए स्टिक, जाल या छोटा ट्रेलिस लगाएं। मटर की बेलें ऊपर चढ़कर तेज़ी से फैलती हैं, और एक अच्छा सपोर्ट उनकी ग्रोथ को अधिक फलदायी बनाता है।
जलवायु और समय
यद्यपि यह लेख मुख्य रूप से घरेलू गार्डनिंग पर आधारित है, सामान्य रूप से मटर एक ठंडे मौसम की फसल है। कई गार्डनिंग गाइड बताते हैं कि मटर को हल्की ठंडी मिट्टी और कम तापमान वाले मौसम (जैसे शुरुआती वसंत या सर्दियों के अंत) में बोना सर्वोत्तम रहता है — इससे पौधे जल्दी बढ़ते हैं और स्वस्थ फल देते हैं।
मटर की बुआई के बाद की देखभाल
मटर की पौधों को नियमित ढंग से पानी देना चाहिए परंतु मिट्टी का हाल देखते हुए। यदि मिट्टी बहुत सूखी हो तो पौधे जल्दी से शुष्क हो सकते हैं, वहीं अधिक पानी से जड़ें खराब हो सकती हैं। पौधों में फूल आने के बाद जल्दी ही फलियां बननी शुरू हो सकती हैं, इसलिए नियमित नमी बनाए रखना ज़रूरी होता है।
कुछ गार्डनिंग टिप्स यह भी बताते हैं कि मटर को खुले गमले, उभरी मिट्टी वाली बिस्तर या सीधे जमीन में भी उगाया जा सकता है, बशर्ते मिट्टी अच्छी तरह से रिसने वाली हो।
किस प्रकार जल्दी ग्रोथ मिलेगी?
घर में मटर जल्दी ग्रोथ के लिए कुछ सरल सुझाव हैं:
- बीज को पहले रात भर पानी में भिगोएँ।
- मिट्टी को अच्छी तरह मिलाएँ और पर्याप्त धूप दें।
- पानी को संतुलित रखें — न ज्यादा, न कम।
- समय-समय पर पौधों को सहारा दें और फूल आने के बाद ध्यान रखें।
इन आसान चरणों और सलाहों का पालन करके आप कुछ ही दिनों में घर पर मटर की ग्रोथ देख सकते हैं — यह न केवल एक संतुष्टि देने वाला अनुभव है, बल्कि आपकी रसोई में ताज़ी सब्ज़ी का नियमित स्रोत भी बन सकता है।
घर पर मटर उगाना कठिन नहीं है — बस सही मिट्टी, टिकाऊ गमले, उपयुक्त बीज और नियमित देखभाल की आवश्यकता है। थोड़ी सी धूप और सही पानी के साथ आप अपने गमले या बालकनी में जल्दी ही मटर की पौध वृद्धि देखकर खुश हो सकते हैं।

