भारतीय रसोई में साबूदाना का खास महत्व है। आमतौर पर इसे व्रत या उपवास के दौरान खाया जाता है, लेकिन अब साबूदाना सिर्फ व्रत तक सीमित नहीं रह गया है। साबूदाना चीला एक ऐसी डिश है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और यह नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है।
साबूदाना चीला क्यों है खास?
साबूदाना चीला उन लोगों के लिए आदर्श है, जो हल्का लेकिन एनर्जी से भरपूर नाश्ता चाहते हैं। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह डिश बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है। साथ ही यह ग्लूटेन फ्री होती है, जिससे यह पाचन के लिहाज से भी बेहतर मानी जाती है।
साबूदाना चीला बनाने के लिए जरूरी सामग्री
1 कप साबूदाना (भिगोया हुआ)
2 उबले हुए आलू (अच्छी तरह मैश किए हुए)
1–2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
2 बड़े चम्मच हरा धनिया (बारीक कटा हुआ)
स्वादानुसार सेंधा नमक / सामान्य नमक
2 बड़े चम्मच मूंगफली पाउडर (वैकल्पिक)
½ छोटा चम्मच जीरा (वैकल्पिक)
सेकने के लिए तेल या घी
साबूदाना चीला बनाने की आसान विधि
सबसे पहले साबूदाना को अच्छी तरह धोकर 4–5 घंटे या रातभर के लिए भिगो दें। जब साबूदाना नरम हो जाए, तो उसमें उबले और मैश किए हुए आलू मिलाएं। इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें।
अब नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और हल्का सा तेल लगाएं। तैयार मिश्रण से थोड़ा सा घोल लेकर तवे पर फैलाएं और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक सेकें। दोनों तरफ से अच्छे से पकने के बाद साबूदाना चीला तैयार हो जाएगा।
सेहत के लिहाज से कितनी फायदेमंद है यह डिश?
साबूदाना चीला पचने में आसान होता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। यह कमजोरी दूर करने में मदद करता है और व्रत के दौरान भी शरीर को एक्टिव बनाए रखता है। अगर इसे कम तेल में बनाया जाए, तो यह वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी एक अच्छा विकल्प बन सकता है।
किसके साथ परोसें साबूदाना चीला?
साबूदाना चीला को हरी चटनी, दही या टमाटर की चटनी के साथ परोसा जा सकता है। नाश्ते के अलावा इसे शाम के हल्के स्नैक के रूप में भी खाया जा सकता है। इसका कुरकुरा स्वाद और नरम टेक्सचर हर किसी को पसंद आता है।

