अध्यात्म की राह पर चलने वाले हर साधक के मन में यह सवाल कभी न कभी जरूर आता है कि क्या उसकी पुकार ईश्वर तक पहुँच रही है? क्या भगवान उससे प्रसन्न हैं? शास्त्रों के अनुसार, जब ईश्वर किसी भक्त पर विशेष कृपा करते हैं, तो उसे भौतिक सुख-सुविधाओं के बजाय मानसिक और आत्मिक स्तर पर कुछ अनोखे अनुभव होने लगते हैं। यदि आपके साथ भी ये घटनाएं घट रही हैं, तो समझ लीजिए कि आप भगवान के अत्यंत करीब हैं।
ब्रह्म मुहूर्त में अचानक नींद खुलना
शास्त्रों में सुबह 3:00 बजे से 5:00 बजे तक के समय को ‘ब्रह्म मुहूर्त’ या ‘देवताओं का समय’ कहा गया है। यदि आपकी नींद बिना किसी अलार्म के हर रोज इसी समय के आसपास खुलती है और आप खुद को तरोताजा महसूस करते हैं, तो यह एक बहुत बड़ा संकेत है। माना जाता है कि इस समय दैवीय शक्तियां सक्रिय होती हैं और वे आपको अपनी शरण में बुला रही होती हैं।
अचानक सुगंध का अनुभव होना
क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप कहीं बैठे हों या पूजा कर रहे हों और आपको अचानक बिना किसी अगरबत्ती या इत्र के किसी अलौकिक सुगंध का अनुभव हो? आध्यात्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई सिद्ध शक्ति या इष्ट देव आपके आसपास होते हैं, तो वे अपनी उपस्थिति का अहसास एक दिव्य खुशबू के माध्यम से कराते हैं।
दूसरों के प्रति करुणा और क्रोध में कमी
ईश्वरीय कृपा का सबसे बड़ा प्रमाण व्यक्ति के व्यवहार में आता है। यदि आपमें अब दूसरों के प्रति दया, करुणा और क्षमा का भाव बढ़ गया है और आपको छोटी-छोटी बातों पर क्रोध आना बंद हो गया है, तो यह आपकी आत्मिक उन्नति का संकेत है। ईश्वर जब करीब होते हैं, तो वे आपके भीतर के अहंकार और तामसी प्रवृत्तियों को खत्म कर देते हैं।
कठिन समय में भी अडिग विश्वास
ईश्वर की विशेष कृपा का अर्थ यह नहीं है कि जीवन में दुख नहीं आएंगे, बल्कि इसका अर्थ यह है कि उन दुखों के बीच भी आपका मन शांत रहेगा। यदि भारी संकट आने पर भी आपके मन में यह विश्वास बना रहता है कि “जो हो रहा है ईश्वर की मर्जी से हो रहा है और वे सब ठीक कर देंगे,” तो समझ लीजिए कि भगवान ने आपका हाथ थाम रखा है।

