मीठा पोंगल या सक्करई पोंगल दक्षिण भारत का पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजन है, जो खास तौर पर पोंगल जैसे कृषि त्योहारों पर घर-घर में बनाया जाता है। यह व्यंजन चावल और मूंग दाल के साथ गुड़, घी, सूखे मेवे और सुगंधित मसालों से तैयार होता है। पोंगल का यह मीठा संस्करण स्वाद में इतना लाजवाब होता है कि इसे खाकर हर कोई फैन बन जाता है।
पोंगल त्योहार विशेष रूप से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह चार दिनों तक चलने वाला उत्सव है जिसमें सूर्य के देवता और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जात है। इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजन बनाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
पोंगल का सांस्कृतिक और पोषणात्मक महत्व
पोंगल न सिर्फ स्वाद में आकर्षक है, बल्कि पोषण से भरपूर भी है। चावल और दाल से बनने वाला यह व्यंजन ऊर्जा प्रदान करता है तथा ठंडी मौसम में शरीर को गर्म रखने में मददगार माना जाता है। मूंग दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, जबकि गुड़ में प्राकृतिक मिठास के साथ कई मिनरल्स भी मौजूद होते हैं।
पोंगल को केवल रोज़मर्रा का भोजन नहीं माना जाता, बल्कि यह उत्सव की खुशी, समृद्धि और पारिवारिक मिलन का प्रतीक भी है। गुजरते मौसम और कृषि की सफलता के लिए भगवान सूर्य को धन्यवाद देने के लिए यह व्यंजन पूजा में भी अर्पित किया जाता है।
सामग्री (Ingredients):
- चावल – 1 कप
- मूंग दाल – ½ कप
- गुड़ – 1 ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
- घी – ¼ कप
- काजू – 8-10
- किशमिश – 10-12
- नारियल (कद्दूकस) – 2 टेबलस्पून
- इलायची पाउडर – ½ चम्मच
- पानी – 4 कप
- दूध – 1 कप (वैकल्पिक)
बनाने की विधि (Method):
चावल और मूंग दाल को अच्छे से धोकर 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इससे पकाने में समय कम लगता है और स्वाद बेहतर होता है। एक प्रेशर कुकर में चावल और दाल डालें, 4 कप पानी मिलाएं और 3-4 सीटी आने तक पकाएं। प्रेशर निकलने के बाद मिश्रण को मैश करें ताकि यह एक क्रीमी टेक्सचर पा ले। एक पैन में गुड़ और ½ कप पानी डालकर धीमी आंच पर गुड़ को पिघलने दें और फिर उसे छान लें। पके हुए चावल-दाल के मिश्रण में गुड़ का घोल मिलाएं और मध्यम आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें। इसमें इलायची पाउडर और कद्दूकस किया नारियल मिलाएं। आप चाहें तो दूध भी डाल सकते हैं। एक छोटे पैन में घी गर्म करें, उसमें काजू और किशमिश को हल्का सुनहरा होने तक भूनें और फिर इसे पोंगल में मिला दें। आपका स्वादिष्ट मीठा पोंगल तैयार है। इसे गर्म-गर्म परोसें।
उपयोग और महत्व
मीठा पोंगल सिर्फ एक रेसिपी नहीं है, यह दक्षिण भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान भी है। पोंगल के दौरान यह व्यंजन घरों और मंदिरों में प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है। इसका मीठा स्वाद और सुगंध हर किसी के खाने के अनुभव को खास बनाती है।
पोंगल के त्योहार में पारिवारिक मिलन और नए साल के आगमन का संदेश होता है, और सक्करई पोंगल के स्वादिष्ट मसाले-घी-नारियल का मेल इसे विशेष बनाता है।
अगर आप भी अपने त्योहारों और खास अवसरों पर दक्षिण भारतीय स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो इस मीठे पोंगल रेसिपी को एक बार जरूर आज़माएं। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि स्वास्थ्य और आनंद का भी ऊँचा अनुभव देती है।

