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Wednesday, January 7, 2026
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ठंड में सूख रही है लौकी की बेल? जानिए वो सीक्रेट तरीका जिससे सर्दी भी नहीं रोक पाएगी लौकी की पैदावार

सर्दियों का मौसम पतझड़ और बरसात के बाद आता है, लेकिन इसे लेकर अक्सर घरेलू बागबानी शौक़ीनों के मन में एक ही चिंता रहती है — कड़कती सर्दियों में भी घर के बगीचे या छत पर लगी लौकी (Bottle Gourd) की बेल को स्वस्थ कैसे रखा जाए और फल कैसे प्राप्त किए जाएँ? सर्द हवा, झुकती धूप और ओस के कारण फल और फूल की ग्रोथ धीमी हो जाती है, जिससे बेल की पैदावार प्रभावित होती है। ऐसे में कुछ घरेलू और सरल उपाय इस कठिन मौसम में भी आपकी लौकी को फलने-फूलने में मदद कर सकते हैं।

सर्दियों का प्रभाव: क्यों रोकती है ग्रोथ?

सर्दियों में तापमान कम होने के कारण लौकी के पौधे की वृद्धि धीमी हो जाती है। ठंडी रातों की ओस से मिट्टी और जड़ों को नुकसान पहुँच सकता है। फलने की प्रक्रिया रुक जाती है और नये कलियाँ नहीं बन पातीं। इससे कई लोग मजबूर होकर बेल को काट देते हैं या पूरी योजना छोड़ देते हैं। लेकिन पर्याप्त सावधानी और देखभाल से बेल को सर्दियों में भी फलने-फूलने योग्य बनाया जा सकता है।

गर्म पानी का उपयोग (Rice Water और Tea Water)

एक आसान और प्रभावी तरीका है गुनगुना पानी का उपयोग करना:

  • चावल का पानी: चावल पकाने के बाद बचा पानी पौधे की जड़ों पर ढंग से गुनगुना करके डालें। इसमें मौजूद पोषक तत्व मिट्टी को मजबूत बनाते हैं और जड़ों को ठंड से बचाते हैं।
  • चायपत्ती का पानी: जब आप चाय बना लें, तो बचा पानी थोड़ा और उबालें तथा उसे गुनगुना कर लौकी के पौधे में डालें। इस घरेलू पानी से पौधे को रातभर की ठंड से राहत मिल सकती है और ग्रोथ को प्रोत्साहन मिलता है।

ये दोनों उपाय पौधे को पोषण देने के साथ साथ मिट्टी की ठंड को भी कम करने में मदद करते हैं।

बेल को ढकना — ठंड से बचाने का सरल तरिका

सर्दियों की शाम में जब सूरज डल जाए, तो लौकी की बेल को ढक देना चाहिए। इसके लिए कपड़ा, प्लास्टिक शेड या बड़ा प्लास्टिक पन्नी का उपयोग किया जा सकता है। इससे सुबह तक ओस की बूंदें बेल पर नहीं टिकेंगी और बेल रातभर की सर्दी से बची रहेगी। इस घरेलू शेडिंग प्रक्रिया से बेल को अतिरिक्त सुरक्षित वातावरण मिलता है, जो उसकी ग्रोथ बनाए रखने में मदद करता है।

प्राकृतिक खाद और पोषक तत्व

हालाँकि गर्म पानी पर्याप्त शीघ्र राहत देता है, पर सर्दी के समय पौधे को पोषक तत्वों की कमी भी लग सकती है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार:

  • वर्मी कम्पोस्ट या गोबर की खाद को मिट्टी में मिलाने से पौधे के पोषण को संतुलित रखा जा सकता है।
  • आवश्यक नाइट्रोजन-फॉस्फोरस-पोटैशियम (NPK) संतुलन रखने के लिए संतुलित उर्वरकों का सीमित उपयोग फायदेमंद होता है।

इनसे बेल जल्दी स्वस्थ होती है और ठंड के समय भी अच्छी ग्रोथ जारी रहती है।

धूप और पानी — संतुलन जरूरी

सर्दियों में लौकी के पौधे को कम से कम 6-8 घंटे की सूरज की रोशनी मिलना आवश्यक है। इससे ग्रोथ और फल पकने की प्रक्रिया बेहतर होती है।

  • सुबह या दोपहर की धूप: पौधे को डायरेक्ट रोशनी दें ताकि उसकी कोशिकाएँ मजबूत हों।
  • पानी देना: सर्दी में मिट्टी देर से सूखती है, इसलिए मिट्टी का उपरी हिस्सा जब सूख जाए तभी हल्का पानी दें। इससे जड़ें हाइड्रेटेड रहती हैं लेकिन फंगल समस्याओं से बची भी रहती हैं।

ध्यान रहे कि अधिक पानी देने से जड़ सड़ सकती है; इसलिए संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।

कीट और रोगों से सुरक्षा

सर्दियों में भी कुछ कीड़े या फंगस बेल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके लिए:

  • नीम के अर्क या हल्दी पानी के स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है।
  • बेल की जड़ों के पास फंगल संक्रमण न हो, इसका ध्यान रखें। नियमित तौर पर बेल के आसपास हल्की गुड़ाई और मल्चिंग से मिट्टी स्वस्थ रहती है।

निष्कर्ष

सर्दियों की कड़क ठंड भी लौकी की बेल की ग्रोथ और पैदावार को रोक नहीं सकती — बस सही समय पर गुनगुना पानी, ढकाव, धूप, और स्वस्थ मिट्टी का पोषण देना सीखना आवश्यक है। इन सरल घरेलू ट्रिक्स से आप अपने बगीचे में ठंड के मौसम में भी स्वस्थ और फलदायक लौकी की बेल पा सकते हैं।

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