भारत की प्रीमियम ट्रेनों की सूची में अब एक और बड़ी एंट्री होने जा रही है। Vande Bharat Sleeper Train को लंबी दूरी के यात्रियों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है, ताकि रातभर के सफर में भी यात्रियों को लग्जरी और आराम मिल सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ट्रेन 17 जनवरी को लॉन्च हो सकती है, और गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलने की संभावना है।
इस नई स्लीपर ट्रेन की खास बात सिर्फ स्पीड नहीं, बल्कि इसकी इंडस्ट्रियल-ग्रेड टेक्नोलॉजी, बेहतर सुरक्षा सिस्टम और हाई-क्वालिटी इंटीरियर है। आइए जानते हैं कि इस ट्रेन का इंजन सिस्टम कौन बनाता है, सीट और एयर-कंडीशनिंग किस कंपनी की है, और इससे जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी।
ट्रेन को बनाने में कितनी कंपनियां जुड़ी हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अलग-अलग पार्ट्स और सिस्टम के लिए करीब 72 वेंडर्स काम कर रहे हैं। यह एक बड़ी सप्लाई चेन है, जिसमें पावर सिस्टम से लेकर ब्रेक, सीटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, पैंटोग्राफ, मोटर और ट्रेन कंट्रोल से जुड़े कॉम्पोनेंट शामिल हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह ट्रेन सुविधाओं के मामले में दुनिया की टॉप श्रेणी की ट्रेनों में शामिल होगी। यही वजह है कि हर कॉम्पोनेंट पर काफी रिसर्च के बाद डिजाइन और इंटीग्रेशन किया गया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में “अलग इंजन” क्यों नहीं होता?
कोच ही बनते हैं पावर कार
यह समझना जरूरी है कि Vande Bharat trains में अलग से लोको इंजन नहीं लगाया जाता।
इसके बजाय ट्रेन के कुछ कोच ही Power Car की तरह काम करते हैं। यानी:
ट्रेन की पावर/ट्रैक्शन मोटर
ट्रांसफॉर्मर
बिजली लेने वाला पैंटोग्राफ
सब कुछ कोच के अंदर/नीचे फिट किया जाता है।
इससे ट्रेन का:
वजन बेहतर तरीके से बैलेंस होता है
तेजी से एक्सेलेरेशन मिलता है
ऑपरेशन और मेंटेनेंस ज्यादा एफिशिएंट होता है
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का “इंजन सिस्टम” कौन बनाता है?
Medha करता है मुख्य पावर कॉम्पोनेंट सप्लाई
Reference के अनुसार, ट्रेन को चलाने वाले मुख्य कॉम्पोनेंट Medha सप्लाई कर रहा है। इसमें शामिल हैं:
Transformer (हाई-वोल्टेज को कंट्रोल करने के लिए)
Underfloor Motor (कोच के नीचे फिट मोटर)
Pantograph (ओवरहेड तार से बिजली लेने वाला सिस्टम)
ये वही सिस्टम हैं जिन्हें आम भाषा में लोग “इंजन” कह देते हैं, जबकि तकनीकी रूप से यह Distributed Traction System होता है।
सीट्स और AC सिस्टम कौन उपलब्ध करा रहा है?
Reference रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख कंपनियां जो पार्ट्स सप्लाई कर रही हैं:
Tata (subsidiary company)
Amit Engineering
Knorr-Bremse
Faiveley
Medha
Seat और AC पर क्या खास है?
हालांकि सभी पार्ट्स का अलग-अलग सप्लायर होता है, लेकिन स्लीपर ट्रेन के लिए सीट/बर्थ और AC सिस्टम को:
लंबी दूरी की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है
कम शोर, स्टेबल कूलिंग और एनर्जी सेविंग मोड पर फोकस किया गया है
यात्रियों की नींद और आराम को ध्यान में रखकर इंटीरियर बनाया गया है
Vande Bharat Sleeper Train: उद्घाटन तारीख
17 जनवरी को लॉन्च होने की संभावना
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
उद्घाटन/लॉन्च डेट: 17 जनवरी (संभावित)
लॉन्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हो सकता है
रूट: ट्रेन कहां चलेगी?
Guwahati to Kolkata (प्रस्तावित)
यह ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच संचालित हो सकती है
इससे पूर्वोत्तर भारत को तेज और आरामदायक कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है
Vande Bharat Sleeper Train Fare (किराया)
Reference में किराया तय आंकड़े के साथ नहीं दिया गया है, लेकिन आमतौर पर:
वंदे भारत का किराया प्रीमियम सेगमेंट में होता है
किराया क्लास, सीट/बर्थ टाइप और दूरी के अनुसार बदलता है
लॉन्च के समय रेलवे द्वारा ऑफिशियल फेयर चार्ट जारी किया जाता है
यात्रियों के लिए क्या फायदे होंगे?
Vande Bharat Sleeper से यात्रियों को ये लाभ मिल सकते हैं:
रात के सफर में हाई-कंफर्ट स्लीपर एक्सपीरियंस
बेहतर सस्पेंशन और कम झटके
आधुनिक AC व वेंटिलेशन सिस्टम
बेहतर सेफ्टी और ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी
लंबी दूरी में समय की बचत
FAQs
Q1. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन कब होगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार 17 जनवरी को इसके लॉन्च होने की संभावना है।
Q2. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन किस रूट पर चलेगी?
यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चल सकती है।
Q3. क्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अलग इंजन होता है?
नहीं। इसमें अलग इंजन नहीं होता, ट्रेन के कोच ही Power Car के रूप में काम करते हैं।
Q4. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के पावर सिस्टम/इंजन पार्ट्स कौन सप्लाई करता है?
Reference के मुताबिक Medha ट्रेन के प्रमुख पावर कॉम्पोनेंट सप्लाई कर रही है जैसे ट्रांसफॉर्मर, अंडरफ्लोर मोटर और पैंटोग्राफ।
Q5. इस ट्रेन में कितनी कंपनियां पार्ट्स सप्लाई कर रही हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 72 वेंडर्स इसके अलग-अलग पार्ट्स सप्लाई कर रहे हैं।

