Akhilesh Yadav On Sambhal Report: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सुबह एक तीखे ट्वीट में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने हाल ही में जारी संभल रिपोर्ट को “पलायन का राजनीतिक प्रोपोगंडा” करार दिया और कहा कि इस रिपोर्ट का उद्देश्य प्रदेश की जनता और निवेशकों को गुमराह करना है।
28 अगस्त 2025 को भारत टुडे द्वारा प्रकाशित 450 पन्नों की संभल रिपोर्ट में 24 नवंबर 2024 की संभल हिंसा, इलाके में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और जनसांख्यिकीय बदलाव की गहन समीक्षा की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि स्वतंत्रता के समय संभल में हिंदू आबादी 45% थी, जो अब घटकर लगभग 15-20% रह गई है। इसके अलावा, रिपोर्ट ने 22 नवंबर 2024 को सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क के विवादित बयान को हिंसा की मुख्य वजह बताया।
Akhilesh Yadav ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने रोजगार सृजन, सामाजिक संतुलन और विकास के मोर्चे पर पूरी तरह विफलता दिखाई है। उनके अनुसार:
- सरकार की नीतियां युवाओं के लिए रोजगार नहीं ला सकीं, जिससे पलायन तेज़ हुआ।
- भाजपा की स्किल मैपिंग नीति नाकाम रही, जिससे स्थानीय स्तर पर अवसर नहीं बने।
- संभल रिपोर्ट जैसी रिपोर्टें झूठा प्रचार फैलाकर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।
भाजपा समर्थकों ने अखिलेश के बयान को “वोट बैंक राजनीति” बताते हुए पलटवार किया। उनका कहना है कि संभल में हिंदू आबादी की कमी और हिंसा के पीछे सपा की पुरानी नीतियां जिम्मेदार हैं। वहीं, कई यूजर्स ने रिपोर्ट के तथ्यों का हवाला देते हुए सपा सांसद बर्क की भूमिका पर सवाल उठाए।
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विशेषज्ञों का मानना है कि संभल रिपोर्ट और Akhilesh Yadav के बयान ने उत्तर प्रदेश में पलायन और सांप्रदायिक तनाव पर राजनीतिक बहस को और गहरा कर दिया है। उनका सुझाव है कि इस समस्या का समाधान केवल रोजगार, संतुलित विकास और सामाजिक सौहार्द की दिशा में ठोस कदम उठाकर ही संभव है।