Uttar Pradesh News: आजमगढ़ में एक 19 वर्षीय लड़की की जिंदगी सिर्फ 8 मिनट में पुलिस की तत्परता और मेटा के अलर्ट की वजह से बच गई। घटना थाना सिधारी की है, जहां लड़की ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं भी और मेरी स्टोरी भी लास्ट है, क्यूंकि मैं जा रही हूँ अपनी अम्मी के पास”, और बहुत सारी दवाइयां खा ली है।
अलर्ट से मिली जान की राहत
तीन अप्रैल मेटा की ओर से मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट मिला। सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुँचाई गई। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। सोशल मीडिया सेंटर ने युवती की लोकेशन हासिल कर आजमगढ़ पुलिस को सूचित किया।
सिर्फ 8 मिनट में मदद
थाना सिधारी के उप निरीक्षक, महिला उप निरीक्षक और अन्य पुलिस कर्मी युवती के घर केवल 8 मिनट में पहुँच गए। जब उन्होंने युवती को देखा, वह पेट और गले को पकड़कर दर्द में थी और जोर-जोर से रो रही थी। गंभीर स्थिति में वह बेहोश भी हो गई।पुलिस ने तुरंत परिजनों के साथ मिलकर उसे एंबुलेंस से नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया।
अकेलापन और मानसिक स्वास्थ्य
युवती ने बाद में बताया कि उसकी मां नहीं हैं और वह अक्सर बहुत अकेला महसूस करती थी। कुछ दिन पहले खाना बनाने को लेकर बहन से झगड़ा हुआ था, जिससे उसे मानसिक और भावनात्मक चोट लगी। यही सब कारण उसके मन में आत्महत्या के विचार लेकर आया।
पुलिस की इंसानियत और काउंसलिंग
पुलिस कर्मियों की तत्परता और मेटा की सूचना ने समय रहते युवती की जान बचाई। उसे काउंसलिंग भी दी गई और युवती ने भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया। उसके परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस को धन्यवाद दिया और उनके सहयोग की सराहना की।

