“द शैडो” ऐप
संस्थान के अधिकारियों के अनुसार यह ऐप केवल एक सामान्य अकादमिक प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि एक समग्र डिजिटल सुरक्षा प्रणाली के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य छात्रों, खासकर बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और अभिभावकों को उनकी गतिविधियों की समय-समय पर जानकारी देना है।
उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति की मिलेगी पूरी जानकारी
इसके अलावा ऐप में छात्रों की उपस्थिति, असाइनमेंट, परीक्षा प्रदर्शन और शैक्षणिक प्रगति से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इससे छात्र, अभिभावक और शिक्षक एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
“पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल सिस्टम” से बढ़ेगी छात्राओं की सुरक्षा
इस ऐप की एक खास विशेषता “पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल सिस्टम” है। इसके तहत किसी भी छात्रा के कैंपस से बाहर जाने या विशेष अनुमति से जुड़े अनुरोध पर सबसे पहले अभिभावकों की मंजूरी आवश्यक होगी। इससे छात्राओं की सुरक्षा को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम से मिलेगी तुरंत सहायता
ऐप में इंटीग्रेटेड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम भी जोड़ा गया है। किसी भी आपात स्थिति में छात्रा एक बटन दबाकर संस्थान प्रशासन और अभिभावकों को तुरंत सूचना भेज सकती है। इससे संभावित जोखिम की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना आसान होगा।
अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए बन सकता है मॉडल
संस्थान का मानना है कि “द शैडो” ऐप तकनीक के माध्यम से छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और भविष्य में अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक मॉडल के रूप में सामने आ सकता है।