Chamoli cloudburst: उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटने की घटनाओं ने हाहाकार मचा दिया है। Chamoli और टिहरी जिलों में मूसलाधार बारिश के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की वजह से दो लोग लापता हो गए हैं, जबकि कई पालतू जानवर मलबे में दब गए हैं। पूरे इलाके में भारी बारिश का कहर जारी है, जिससे सड़कें अवरुद्ध हैं और गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। वहीं, टिहरी में भी लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं।
Chamoli के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद दो लोग लापता हैं। घटना में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है और पालतू जानवरों की बड़ी संख्या मलबे में दब गई है। जिले में कई सड़कों पर भूस्खलन होने के कारण मार्ग बंद हो गए हैं। राहत दलों को मौके पर भेजा गया है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र और Chamoli के देवाल इलाके में बादल फटने की घटनाओं से कई परिवारों के फंसे होने की खबर मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल पूरी मुस्तैदी से कार्य में जुटे हैं। मैं लगातार आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से संपर्क में हूं और जरूरी निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं।”
मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, चमोली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। केदारनाथ में मोटरमार्ग पुल टूटने के कारण बंद हो गया है, जबकि काठगोदाम-भीमताल मुख्य मार्ग पर भी मलबा गिरने से यातायात ठप है। हल्द्वानी से कैंची धाम जाने वाले रास्ते पर भी भूस्खलन हुआ है, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, राहत दल लगातार प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास कर रहे हैं। हालात पर सरकार की नजर बनी हुई है।