Jio IPO: भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। उपयोगकर्ता संख्या के आधार पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी जियो जल्द ही अपने आईपीओ के लिए मंजूरी संबंधी दस्तावेज जमा कर सकती है। माना जा रहा है कि कंपनी इसी सप्ताह मुंबई में नियामकीय प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।
विदेशी निवेशक बेच सकते हैं 8 प्रतिशत हिस्सेदारी
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो ने करीब 13 बड़े विदेशी निवेशकों के साथ बातचीत की है। योजना के तहत ये निवेशक अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा आम निवेशकों के लिए बेच सकते हैं। इनमें मेटा और गूगल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनके अलावा विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, केकेआर और खाड़ी देशों के प्रमुख सॉवरेन फंड—पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, मुबाडाला और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।
Offer For Sale मॉडल पर आधारित
बताया जा रहा है कि यह आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल मॉडल के तहत लाया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी इस प्रक्रिया के जरिए नया पूंजी निवेश नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बाजार में बेचेंगे। अनुमान है कि कुल मिलाकर जियो के बकाया शेयरों का लगभग 2.5 से 3 प्रतिशत हिस्सा आईपीओ के जरिए बाजार में पेश किया जा सकता है, हालांकि अंतिम आंकड़े अभी तय होने बाकी हैं।
आम निवेशकों के लिए मुनाफे का अवसर
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की योजना आईपीओ का मूल्य ऐसा रखने की है जिससे आम निवेशकों को सूचीबद्ध होने के समय अच्छा लाभ मिलने की संभावना रहे। इससे छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
कंपनी का अनुमानित मूल्य और
निवेश बैंक की एक रिपोर्ट में पिछले वर्ष नवंबर में रिलायंस जियो का अनुमानित मूल्य लगभग 180 अरब डॉलर बताया गया था। वहीं इस आईपीओ का कुल आकार लगभग 4 अरब डॉलर तक हो सकता है, हालांकि अंतिम आंकड़े बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तय होंगे।
लिस्टिंग प्रक्रिया के लिए 17 बैंकों की नियुक्ति
पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने और सूचीबद्धता को सफल बनाने के लिए रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने 17 बैंकों को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले वर्ष 2020 में कंपनी ने विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचकर 20.5 अरब डॉलर से अधिक की बड़ी राशि जुटाई थी। ऐसे में जियो का यह आईपीओ देश के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है।

