Kushinagar Nursing College: कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने का रास्ता अब साफ हो गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत मेडिकल कॉलेज के पास स्थित जमीन को नर्सिंग कॉलेज के लिए मुफ्त में दिया जाएगा। इस फैसले से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की उम्मीद है।
मुफ्त जमीन देने की मंजूरी
सरकार ने कुशीनगर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के पास मौजूद सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क देने का निर्णय लिया है। यह जमीन पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्थित है। यह जगह पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य सड़क से करीब 500 मीटर दक्षिण में है, जो आने-जाने के लिए भी सुविधाजनक मानी जा रही है।
केंद्र की योजना के तहत मिला कॉलेज
यह नर्सिंग कॉलेज केंद्र सरकार की सहायता से बनाई जा रही योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश को कुल 27 नर्सिंग कॉलेज दिए हैं, जिनमें कुशीनगर भी शामिल है। हर एक नर्सिंग कॉलेज की लागत लगभग 10 करोड़ रुपये तय की गई है।
खर्च में केंद्र और राज्य की भागीदारी
इस योजना में खर्च का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार उठाएगी। कुल लागत का 60 प्रतिशत केंद्र देगा, जबकि बाकी 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की तरफ से दी जाएगी। इस साझेदारी से प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा सहारा
कुशीनगर में नर्सिंग कॉलेज बनने से यहां के मेडिकल कॉलेज को भी बड़ा सहारा मिलेगा। इससे अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। साथ ही, इलाके के छात्रों को भी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
इस कॉलेज की स्थापना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। कॉलेज में शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की जरूरत होगी, जिससे आसपास के युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों में खुशी
इस फैसले के बाद कुशीनगर के लोगों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग की जा रही थी। अब नर्सिंग कॉलेज बनने से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

