Uttar Pradesh की राजनीति में जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। Bharatiya Janata Party प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में जुट गई है। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पार्टी अब पूरी तरह 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर फोकस कर रही है। संगठन और सरकार के जरिए राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है।
प्रदेश कार्यकारिणी के ऐलान पर टिकी निगाहें
भाजपा प्रदेश संगठन चुनाव की करीब डेढ़ साल लंबी प्रक्रिया के बाद दिसंबर में Pankaj Chaudhary को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद पार्टी की अधिकांश जिला कार्यकारिणियों का गठन हो चुका है। अब सभी की नजरें प्रदेश कार्यकारिणी के ऐलान पर टिकी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में Lucknow से लेकर New Delhi तक कई दौर की बैठकों के बाद संभावित नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कुछ नामों में संशोधन के निर्देश दिए गए थे, जिन्हें पूरा कर लिया गया है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के विदेश दौरे से लौटते ही इस सप्ताह नई कार्यकारिणी का ऐलान किया जा सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी
प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है। फिलहाल Uttar Pradesh सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में छह नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्व राज्य मंत्री रहे Anoop Pradhan Valmiki और Jitin Prasada के सांसद बनने के बाद उनकी जगह खाली हो चुकी है। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रमोशन की भी चर्चा है।
बंगाल प्रदर्शन का मिलेगा इनाम?
हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन ने पार्टी नेतृत्व को नई ऊर्जा दी है। चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को संगठन और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में सक्रिय रहे कई नेताओं का कद बढ़ सकता है।
भाजपा अब संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समीकरणों के जरिए 2027 के चुनावी लक्ष्य को साधने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

