Lucknow में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 17 मई से अधिक ज्येष्ठ मास यानी अधिक मास की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अधिक मास 15 जून तक रहेगा।
अधिक मास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य?
आचार्य आनंद दुबे के मुताबिक हिंदू धर्म में अधिक मास को पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता।
धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास में भगवान की आराधना करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है, इसलिए लोग इस समय धार्मिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देते हैं।
चातुर्मास में भी थम जाएंगे विवाह
अधिक मास समाप्त होने के बाद जून और जुलाई में कुछ दिनों के लिए विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण विवाह समेत सभी शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। चातुर्मास समाप्त होने के बाद 20 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी से फिर से शहनाइयां गूंजेंगी।
जून और जुलाई के शुभ विवाह मुहूर्त
आचार्य एसएस नागपाल के अनुसार जून में 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 तारीख को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे।
वहीं जुलाई में 1, 6, 7, 11 और 12 जुलाई को शादी-विवाह के लिए शुभ दिन माने गए हैं।
चातुर्मास के बाद नवंबर में 21, 24, 25 और 26 नवंबर तथा दिसंबर में 2, 3, 4, 5 और 6 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।

