Nautapa 2026: भारत में मई और जून की गर्मी को सबसे कठिन मौसम माना जाता है। इसी दौरान एक ऐसा समय आता है, जब सूरज की तपिश अपने चरम पर होती है। इसे ही “नौतपा” कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा शुरू होता है। साल 2026 में नौतपा 25 मई से 6 जून तक रहेगा।इन 9 दिनों में धरती पर सूरज की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है। कई राज्यों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। यही वजह है कि लोग नौतपा को लेकर काफी सतर्क रहते हैं।
क्यों खतरनाक मानी जाती है ये गर्मी?
नौतपा के दौरान लू और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। डॉक्टरों के मुताबिक इस समय शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, कमजोरी और तेज बुखार जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर में धूप से बचें, ज्यादा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। गर्मी में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है।
नौतपा को लेकर क्या हैं मान्यताएं?
भारतीय परंपराओं में नौतपा का खास महत्व माना गया है। मान्यता है कि अगर इन 9 दिनों में तेज गर्मी पड़े, तो मानसून अच्छा होता है और बारिश भरपूर होती है। किसानों के लिए यह समय बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि तेज गर्मी समुद्र से अधिक मात्रा में जलवाष्प बनाती है, जो बाद में मानसून की बारिश में मदद करती है।ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग नौतपा को खेती और मौसम से जोड़कर देखते हैं। कई किसान मानते हैं कि जितनी तेज गर्मी, उतनी बेहतर फसल।
विज्ञान क्या कहता है?
वैज्ञानिकों की राय थोड़ी अलग है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ 9 दिनों की गर्मी से पूरे मानसून का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। कई बार नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन मानसून देर से आता है या सामान्य रहता है।हालांकि वैज्ञानिक यह जरूर मानते हैं कि इस समय सूर्य की स्थिति और पृथ्वी के झुकाव के कारण तापमान में तेज बढ़ोतरी होती है। यही वजह है कि मध्य भारत और उत्तर भारत में गर्म हवाएं चलने लगती हैं।
कब शुरू हुई नौतपा की परंपरा?
विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, हजारों साल पहले लोगों ने प्रकृति और मौसम के बदलाव को देखकर नौतपा की अवधारणा बनाई थी। माना जाता है कि करीब एक हजार साल पहले मध्य भारत में पड़ने वाली भीषण गर्मी को ही नौतपा कहा जाने लगा। समय के साथ यह ज्योतिष और लोकमान्यताओं का हिस्सा बन गया।

