Buy New Car: नई कार घर लाना हर किसी के लिए एक उत्साहजनक क्षण होता है। लोग अक्सर कार का मॉडल, इंजन की क्षमता और आधुनिक फीचर्स चुनने में हफ़्तों लगा देते हैं, लेकिन पेमेंट कैसे करना है, इस पर अंतिम समय तक ध्यान नहीं देते। विशेषकर पहली बार कार खरीदने वालों के लिए, सही पेमेंट विकल्प को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न केवल आपके तत्कालीन बजट, बल्कि भविष्य के खर्चों और समग्र वित्तीय स्थिति को भी प्रभावित करता है।
कैश पेमेंट देने के नियम
भारत में बिना लोन लिए कार खरीदना पूरी तरह संभव है, लेकिन पूरी रकम नकद (Cash) में चुकाना कानूनी रूप से मुमकिन नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 269ST के अनुसार, किसी भी एक ट्रांजैक्शन में ₹2 लाख या उससे अधिक का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है। यदि कोई डीलर इस सीमा से अधिक कैश स्वीकार करता है, तो उस पर शत-प्रतिशत पेनल्टी लग सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि कार की कीमत ₹10 लाख से अधिक है, तो उस पर 1% TCS (Tax Collected at Source) लागू होता है, और ₹5 लाख से अधिक की खरीदारी पर PAN कार्ड अनिवार्य है। इन नियमों का उद्देश्य बड़े लेनदेन को पारदर्शी और ट्रैसेबल बनाना है
पूरी पेमेंट के सुरक्षित तरीके
यदि आप लोन के झंझट से बचना चाहते हैं और पूरी रकम एक साथ चुकाने की क्षमता रखते हैं, तो कई सुरक्षित और डिजिटल तरीके मौजूद हैं। आज के समय में बैंक ट्रांसफर (NEFT, RTGS, IMPS) सबसे तेज और विश्वसनीय माध्यम है। इसके अलावा, डिमांड ड्राफ्ट (DD) या बैंकर्स चेक को भी अत्यंत सुरक्षित माना जाता है। अकाउंट पेयी चेक का विकल्प भी है, लेकिन इसमें क्लियरेंस में 2-3 दिन का समय लग सकता है। UPI या डेबिट कार्ड का उपयोग आमतौर पर केवल बुकिंग अमाउंट या आंशिक भुगतान के लिए ही किया जाता है।
Full Payment के फायदे और नुकसान
फायदे: सबसे बड़ा लाभ यह है कि आपको कोई ब्याज (Interest) नहीं देना पड़ता, जिससे आप लंबे समय में काफी बड़ी रकम बचा सकते हैं। कार की पूर्ण ओनरशिप पहले दिन से ही आपकी होती है, और कई बार डीलर ‘फुल कैश पेमेंट’ पर अतिरिक्त डिस्काउंट भी ऑफर कर देते हैं।
नुकसान: कार एक Depreciating Asset है, यानी समय के साथ इसकी कीमत घटती जाती है। अपनी पूरी जीवनभर की बचत को एक ऐसी चीज़ में लगा देना जो वैल्यू खोती है, हमेशा समझदारी भरा वित्तीय फैसला नहीं माना जाता।
कार लोन
ज्यादातर लोग कार लोन लेना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इससे पूरी रकम एक साथ देने का दबाव नहीं रहता। बैंक आमतौर पर कार की ऑन-रोड कीमत का 80-85% तक फाइनेंस करते हैं, और कुछ मामलों में 100% फाइनेंसिंग भी उपलब्ध है, जो आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती है। लोन की अवधि 3 से 7 साल तक हो सकती है, जिससे आप अपनी मासिक EMI को अपने बजट के अनुसार सेट कर सकते हैं।
डाउन पेमेंट का गणित: ज्यादा डाउन पेमेंट करने से आपकी EMI और कुल ब्याज का बोझ कम होता है। इसके लिए एक लोकप्रिय 20-4-10 रूल है: कम से कम 20% डाउन पेमेंट करें, लोन की अवधि अधिकतम 4 साल रखें, और कार से जुड़ी कुल मासिक लागत आपकी आय का 10% से अधिक न हो।
क्या क्रेडिट कार्ड से कार खरीदी जा सकती है?
क्रेडिट कार्ड से पूरी कार खरीदना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। डीलर आमतौर पर हाई ट्रांजैक्शन चार्ज और बैंक लिमिट्स के कारण केवल बुकिंग अमाउंट (5-10%) के लिए ही क्रेडिट कार्ड स्वीकार करते हैं।

