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Saturday, May 9, 2026
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Lucknow में पुलिस टीम पर हमला करने वाले हिस्ट्रीशीटर को 3 साल की सजा, कांस्टेबल का गला दबाने का था आरोप

Lucknow में पुलिस टीम पर हमला करने और ड्यूटी के दौरान एक कांस्टेबल का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नरही निवासी हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह को दोषी करार देते हुए अदालत ने तीन वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला सरकारी काम में बाधा डालने और लोक सेवकों पर हमला करने के मामले में दिया।

2013 की घटना में दर्ज हुआ था मामला

सरकारी वकील Vikas Singh के मुताबिक, यह मामला 19 दिसंबर 2013 का है। उस समय Hazratganj Police Station में तैनात उपनिरीक्षक Ramesh Kumar Yadav ने इस घटना को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस टीम उस दिन इलाके में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि Bank of Baroda के एटीएम के सामने एक व्यक्ति राहगीरों से अभद्रता कर रहा है और उन्हें धमकाकर शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा है।

पुलिस समझाने पहुंची, आरोपी ने किया हमला

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि नरही निवासी हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह वहां उत्पात मचा रहा था और लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी भड़क गया और पुलिस टीम से ही उलझ पड़ा।

कांस्टेबल को जमीन पर गिराकर दबाया गला

घटना के दौरान आरोपी ने कांस्टेबल भगवंत सिंह पर हमला कर दिया। आरोप है कि उसने कांस्टेबल के साथ मारपीट की, उन्हें जमीन पर गिरा दिया और गर्दन दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान कांस्टेबल की वर्दी भी फाड़ दी गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

अदालत ने सुनाया सजा का फैसला

मामले की लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद आयुर्वेद घोटाला प्रकरण के विशेष न्यायाधीश Rohit Singh ने आरोपी को हत्या के प्रयास के आरोप से बरी कर दिया। हालांकि, सरकारी काम में बाधा डालने और लोक सेवकों पर हमला करने के आरोप में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया।

पहले भी मिल चुकी है सजा

जानकारी के अनुसार, विक्रम सिंह को हाल ही में दो अन्य मामलों में भी अदालत से सजा मिल चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।

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