Delhi Traffic Advisory: सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी के लिए व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए 3,000 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जाएंगे।
स्पेशल सीपी ट्रैफिक मनीष अग्रवाल ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य कांवड़ियों की आस्था का सम्मान करते हुए राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
121 कैंप और 306 रेगुलेशन प्वाइंट तैयार
कांवड़ यात्रा के दौरान 121 कांवड़ कैंप, 47 मोबाइल ट्रैफिक कंट्रोल (एमटीसी), 19 क्रेन और 306 रेगुलेशन प्वाइंट सक्रिय रहेंगे। किसी वाहन के खराब होने या दुर्घटना की स्थिति में क्रेन की मदद से उसे तुरंत हटाया जाएगा, ताकि लंबे समय तक जाम की स्थिति न बने।
सबसे अधिक पुलिस बल पूर्वी दिल्ली में तैनात किया गया है। ईस्टर्न रेंज में 640, नॉर्दर्न में 309, साउदर्न में 254, वेस्टर्न में 218, सेंट्रल में 229 और नई दिल्ली रेंज में 178 ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
9 से 12 अगस्त तक रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक जीटी रोड पर सामान्य वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भी कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।
9 से 11 अगस्त के बीच श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
इन सड़कों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर
जीटी रोड, रोहतक रोड, नजफगढ़ रोड, रिंग रोड, मथुरा रोड, वजीराबाद रोड, पुश्ता रोड, खजूरी-लोनी रोड और जीटी करनाल रोड पर ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा यूपी की ओर से आने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर भी कई बॉर्डरों से प्रतिबंध रहेगा और उन्हें एनएच-9 तथा एनएच-44 जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान जल्दबाजी से बचें, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें, आपातकालीन वाहनों को रास्ता दें और कांवड़ मार्गों से बचते हुए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस का कहना है कि पूरी व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और राजधानी की यातायात व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना है।

