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शनिवार, सितम्बर 12, 2026
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यूपी चुनाव से पहले EVM-VVPAT की होगी कड़ी जांच, हर कदम पर राजनीतिक दलों को मिलेगी जानकारी

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और VVPAT मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC कराई जाएगी। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दौरान मशीनों के संचालन में किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी हर चरण की जानकारी दी जाएगी।

पारदर्शी तरीके से होगी EVM-VVPAT की जांच

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि EVM और VVPAT की FLC तय नियमों और निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाए। जांच के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी दी जाएगी। उनकी मौजूदगी में ही जांच की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया है।

इससे चुनाव से पहले मशीनों की तकनीकी स्थिति को लेकर भरोसा मजबूत करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जांच के दौरान सभी जरूरी प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन हो।

अधिकारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

FLC को सही तरीके से पूरा कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और FLC सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें अधिकारियों को EVM और VVPAT की तकनीकी जांच के साथ-साथ इससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है।

रविवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशिक्षण एवं प्रबंध अकादमी में भी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और FLC सुपरवाइजर शामिल होंगे।

गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में हो चुका प्रशिक्षण

इससे पहले गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। दोनों स्थानों पर 21-21 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद अब अन्य जिलों के अधिकारियों को भी प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।

चुनाव से पहले मशीनों की तकनीकी जांच क्यों जरूरी?

FLC के दौरान EVM और VVPAT की तकनीकी स्थिति की जांच की जाएगी। इसका मकसद यह देखना है कि मशीनें मतदान के समय ठीक तरह से काम करें और किसी तकनीकी समस्या की वजह से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो।

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह तैयारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। EVM-VVPAT की जांच में राजनीतिक दलों की भागीदारी और हर चरण की जानकारी साझा करने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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