Delhi Police ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को एक आधिकारिक पत्र भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। पुलिस ने संबंधित पोस्ट और वीडियो को तत्काल हटाने के साथ-साथ उन्हें साझा करने वाले यूजर की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। यह कदम 20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च और उसके बाद सोशल मीडिया पर सामने आए विवादित कंटेंट की जांच के तहत उठाया गया है।
यूजर की पूरी जानकारी मांगी
दिल्ली पुलिस ने X से संबंधित अकाउंट धारक का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और लॉगिन-लॉगआउट का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा जांच में सहायक अन्य तकनीकी जानकारियां और संबंधित पोस्ट का डेटा सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया है। पुलिस ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4) के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी
पुलिस के अनुसार, उसकी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रख रही है। जांच के दौरान कई ऐसे पोस्ट और वीडियो मिले, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे मामलों में संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी कर सामग्री हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
पहले भी जारी किए गए थे नोटिस
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 27 जुलाई को भी कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इसी तरह के नोटिस भेजे गए थे। पुलिस का दावा है कि नोटिस के बाद कई आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि साइबर और सोशल मीडिया टीमें ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी जारी रखेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य कानून के अनुरूप तथ्यों की पुष्टि करना और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना है।

