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Friday, May 8, 2026
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दो मिसकैरेज और अधूरी ख्वाहिश, फिर भी इस लोकप्रिय अभिनेत्री ने नहीं मानी हार

Reena Kapoor motherhood struggle:‘वो रहने वाली महलों की’ जैसे लोकप्रिय सीरियल में अपनी सादगी और दमदार एक्टिंग से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस रीना कपूर की असल जिंदगी उतनी आसान नहीं रही, जितनी पर्दे पर दिखती है। आज हम उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी कुछ भावनात्मक बातें साझा कर रहे हैं, जिन्हें उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था।

अरेंज मैरिज और पहली मुलाकात

रीना कपूर की शादी अरेंज मैरिज थी। उनके परिवार के गुरुजी ने उनके लिए पायलट करण निझेर का रिश्ता सुझाया था। रीना ने खुद माना कि शादी को लेकर उनके मन में डर था, क्योंकि उन्होंने अपने आसपास कई रिश्तों को टूटते देखा था। इसी वजह से उन्हें “मैरेज फोबिया” जैसा महसूस होने लगा था।लेकिन जब वह पहली बार करण से मिलीं, तो उनका अनुभव उम्मीद से अलग था। रीना के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में बहुत अच्छा व्यवहार नहीं किया था, लेकिन करण बेहद शांत, पॉजिटिव और समझदार इंसान निकले, जिन्होंने उन्हें वक्त दिया और समझने की कोशिश की।

रिश्ते में समझ और अपनापन

रीना ने बताया कि उनके और उनके पति में कई समानताएं हैं। दोनों ही ज्यादा सोशल नहीं हैं और आध्यात्मिक सोच रखते हैं। उन्हें पार्टियों में ज्यादा जाना पसंद नहीं है। धीरे-धीरे रीना को एहसास हुआ कि यह रिश्ता उनके लिए बहुत सहज और सुरक्षित है।इसके अलावा उन्होंने अपने ससुराल वालों की भी तारीफ की। रीना के अनुसार, उनका परिवार बहुत पढ़ा-लिखा और समझदार है, जिसने हमेशा उनके एक्टिंग करियर को सपोर्ट किया और कभी किसी तरह की रोक-टोक नहीं की।

मातृत्व का कठिन सफर

रीना कपूर ने साल 2005 में शादी की थी और अब उनकी शादी को 21 साल हो चुके हैं। इस लंबे सफर में उन्होंने मातृत्व को लेकर कई मुश्किलों का सामना किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो बार मां बनने की कोशिश की, लेकिन दोनों बार उन्हें मिसकैरेज का दर्द झेलना पड़ा।रीना ने यह भी साझा किया कि एक बार कंसीव करने के बावजूद बच्चे का दिल विकसित नहीं हो पाया। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन था।

उम्मीद और आगे की सोच

इन कठिनाइयों के बावजूद रीना ने खुद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह मेडिकल ट्रीटमेंट के पीछे ज्यादा नहीं भागना चाहती थीं और उन्होंने अपने अनुभव को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। उनके अनुसार, जिंदगी में हर किसी के लिए बच्चा होना ही जरूरी नहीं होता, और खुशी के और भी कई रास्ते होते हैं।रीना की कहानी यह दिखाती है कि जिंदगी में चुनौतियाँ आने के बावजूद सकारात्मक सोच और आत्म-स्वीकृति से आगे बढ़ा जा सकता है।

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