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Monday, May 20, 2024
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महाअष्टमी के मौके पर इन विधि से करें माता महागौरी की पूजा, धन की होगी प्राप्ति

Chaitra Navratri Day: नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं। माता महागौरी अपने भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपको नवरात्रि के दौरान अष्टमी तिथि पर देवी महागौरी की पूजा कैसे करनी चाहिए और उनकी पूजा से आपको क्या फल मिलता है।

माता महागौरी पूजा विधि

देवी दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी को प्रसन्न करने के लिए आपको नवरात्रि के आठवें दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। अगर संभव हो तो इस दिन सफेद वस्त्र पहनें और देवी मां को सफेद वस्त्र भी अर्पित करें। पूजा की शुरुआत ‘या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपं संस्थिता’ से होती है। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। पूजा के दौरान आपको देवी को मोगरे के फूल यानी सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए। इसके बाद मां को रोली कुमकुम लगाना चाहिए. इसके बाद देवी मां को मिठाई, फल, काले चने का भोग लगाना चाहिए. इसके बाद आप दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं। अंत में आपको माता की आरती करनी चाहिए।

अष्टमी तिथि कन्या पूजा मुहूर्त

अगर आप अष्टमी के दिन ही कन्या पूजन करने जा रहे हैं तो साल 2024 में 16 अक्टूबर को कन्या पूजन का शुभ समय सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक है। इस दौरान आपको विधि-विधान से कन्याओं का पूजन करना चाहिए।

अष्टमी तिथि पर देवी मां के इन मंत्रों का जाप करें

देवी महागौरी को प्रसन्न करने के लिए आप अष्टमी तिथि पर उनके मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप आप पूजा के दौरान भी कर सकते हैं और पूजा के बाद भी।

देवी महागौरी की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अगर आप इस दिन कन्याओं को भोजन कराते हैं, उनकी सेवा करते हैं और उन्हें उपहार देते हैं तो देवी मां के आशीर्वाद से आपके जीवन में खुशियां आती हैं। साथ ही आपको मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। इस दिन मंत्र जाप करना बहुत उत्तम होता है, मंत्र जाप करने से मानसिक और शारीरिक सुख की प्राप्ति होती है। यदि संभव हो तो माता के भक्तों को इस दिन माता के किसी मंदिर में भी जाना चाहिए और वहां अपनी क्षमता के अनुसार दान करना चाहिए।

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