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शनिवार, सितम्बर 26, 2026
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कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच बता सकती है दिल का हाल? जानिए इस फीचर के फायदे और नुकसान

Tech news:आजकल स्मार्टवॉच सिर्फ समय देखने और कदम गिनने का जरिया नहीं रह गई हैं। इनमें ECG जैसे एडवांस हेल्थ फीचर भी मिलने लगे हैं। कलाई पर पहनी घड़ी की मदद से कुछ ही सेकंड में दिल की धड़कनों का पैटर्न रिकॉर्ड किया जा सकता है। लेकिन क्या स्मार्टवॉच का ECG किसी डॉक्टर की जगह ले सकता है? क्या इसकी रिपोर्ट पर पूरी तरह भरोसा करना सही है? आइए जानते हैं इस तकनीक के फायदे और इसकी सीमाएं।

कैसे काम करता है स्मार्टवॉच का ECG फीचर?

ECG यानी इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम एक ऐसी तकनीक है, जिससे दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड किया जाता है। स्मार्टवॉच में मौजूद सेंसर इस गतिविधि को मापते हैं। इसके लिए घड़ी पहनने के बाद दूसरे हाथ की उंगली को उसके बटन या डिजिटल क्राउन पर रखना होता है।

कुछ ही सेकंड में घड़ी दिल की धड़कनों का पैटर्न रिकॉर्ड कर लेती है। इससे सामान्य धड़कन और एट्रियल फाइब्रिलेशन (AFib) जैसी अनियमितता का संकेत मिल सकता है।

स्मार्टवॉच ECG की 4 बड़ी सीमाएं

1. अस्पताल के ECG से अलग है तकनीक

अस्पतालों में होने वाले 12-लीड ECG में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। इससे दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि की विस्तृत जानकारी मिलती है। वहीं, स्मार्टवॉच केवल सिंगल-लीड ECG रिकॉर्ड करती है। इसलिए इसकी मदद से दिल की सभी समस्याओं का पता लगाना संभव नहीं है।

2. हार्ट अटैक का नहीं लगा सकती पता

स्मार्टवॉच ECG का इस्तेमाल मुख्य रूप से दिल की धड़कनों में अनियमितता का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह हार्ट अटैक, धमनियों में ब्लॉकेज या दिल के वॉल्व से जुड़ी समस्याओं का पता नहीं लगा सकती। इसलिए सामान्य रिपोर्ट आने का मतलब यह नहीं है कि दिल पूरी तरह स्वस्थ है।

3. गलत रिपोर्ट से हो सकती है परेशानी

कई बार घड़ी सही तरीके से न पहनने, हाथ हिलने या पसीने की वजह से ECG की रीडिंग प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में गलत अलर्ट मिल सकता है। इससे लोग बेवजह परेशान हो सकते हैं। इसलिए किसी भी असामान्य रिपोर्ट को डॉक्टर से समझना जरूरी है।

4. डॉक्टर की जगह नहीं ले सकती स्मार्टवॉच

स्मार्टवॉच ECG एक निगरानी और शुरुआती चेतावनी देने वाला फीचर है। इसे बीमारी की अंतिम पुष्टि करने वाला मेडिकल टेस्ट नहीं माना जा सकता। किसी भी समस्या की पुष्टि के लिए डॉक्टर अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं।

स्मार्टवॉच ECG के क्या हैं फायदे?

स्मार्टवॉच ECG का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे दिल की धड़कनों पर नियमित नजर रखी जा सकती है। कई बार एट्रियल फाइब्रिलेशन जैसी समस्या के लक्षण स्पष्ट नहीं होते। ऐसे में स्मार्टवॉच से मिलने वाला अलर्ट व्यक्ति को समय रहते डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।

हालांकि, स्मार्टवॉच की रिपोर्ट को अंतिम मेडिकल जांच नहीं मानना चाहिए। अगर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

स्मार्टवॉच से ECG करते समय रखें इन बातों का ध्यान

ECG रिकॉर्ड करते समय शांत बैठें और हाथ को किसी समतल सतह पर रखें। घड़ी को कलाई पर सही तरीके से पहनें और रिकॉर्डिंग के दौरान हाथ न हिलाएं। हाथ और घड़ी सूखे होने चाहिए, ताकि रीडिंग प्रभावित न हो।

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