Kedaarnath यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुईं Pragya Singh आखिरकार छह दिन बाद सुरक्षित मिल गई हैं। उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें बिहार के Begusarai से बरामद किया है और परिवार को इसकी सूचना दे दी गई है।
हालांकि प्रज्ञा के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह मामला अब भी कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह चलती ट्रेन से कैसे गायब हुईं और सैकड़ों किलोमीटर दूर बिहार कैसे पहुंच गईं।
स्टेशन पर भी नहीं मिला कोई सुराग
अगले स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद प्लेटफॉर्म पर भी काफी तलाश की गई, लेकिन प्रज्ञा का कोई पता नहीं चला। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और मामला रुड़की कोतवाली तक पहुंचा, जहां औपचारिक रूप से गुमशुदगी दर्ज की गई।
जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ी दिक्कत सीसीटीवी कैमरों की खराब हालत की वजह से हुई। बताया गया कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के कई कैमरे बंद थे, जिसके कारण यह पता नहीं चल पाया कि प्रज्ञा ट्रेन से खुद उतरी थीं या किसी ने उन्हें उतारा।
CCTV बंद होने से जांच प्रभावित
पति मनीष ने भी आरोप लगाया कि स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे खराब होने की वजह से जांच काफी प्रभावित हुई। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
जांच एजेंसियों ने प्रज्ञा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। धीरे-धीरे यह मामला पुलिस के लिए ब्लाइंड केस बनता जा रहा था।
छह दिन बाद बिहार में मिलीं प्रज्ञा
लगातार छह दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
पति मनीष ने भी पुष्टि की कि पुलिस ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी है और प्रज्ञा को जल्द उत्तराखंड लाया जाएगा। पिछले कई दिनों से रुड़की में डेरा डाले परिवार ने इस खबर के बाद राहत महसूस की।
अब भी बना हुआ है रहस्य
हालांकि प्रज्ञा सुरक्षित मिल गई हैं, लेकिन यह मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस अब उनका विस्तृत बयान दर्ज करेगी, जिसे पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।
फिलहाल जांच एजेंसियां तीन संभावनाओं पर काम कर रही हैं—
- क्या प्रज्ञा किसी निजी कारण से खुद ट्रेन छोड़कर चली गई थीं?
- क्या उन पर किसी तरह का दबाव था?
- या फिर इस मामले में कोई ऐसा पहलू है जो अब तक सामने नहीं आया?

