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शनिवार, सितम्बर 19, 2026
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PM मोदी के बर्थडे पर ‘दीया’ बना सियासी मुद्दा, अखिलेश के सवाल पर शांतनु गुप्ता का तीखा पलटवार

UttarPradesh news:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और लेखक शांतनु गुप्ता के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी तकरार देखने को मिली। अखिलेश यादव ने लखनऊ में जिलाधिकारी आवास पर दीये जलाए जाने और इसके खर्च को लेकर सवाल उठाए। इसके जवाब में शांतनु गुप्ता ने अखिलेश यादव के पुराने कार्यक्रमों और खर्चों का जिक्र करते हुए पलटवार किया।

अखिलेश यादव ने दीयों और खर्च पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए जिलाधिकारी से दीयों, तेल-बाती और आयोजन में हुए खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की थी। उन्होंने अपने पोस्ट में ‘केयर फंड’ और ‘चापलूसी फंड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए खर्च की जानकारी सामने रखने की बात कही।

अखिलेश ने यह भी सवाल किया कि जब प्रदेश में अलग-अलग तरह की समस्याएं हैं, तब सरकारी स्तर पर इस तरह के आयोजन और संसाधनों के इस्तेमाल का क्या औचित्य है। उन्होंने दीये जलाने की संख्या और तेल के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।

शांतनु गुप्ता ने पुराने कार्यक्रम का किया जिक्र

अखिलेश यादव के सवालों पर लेखक और राजनीतिक विश्लेषक शांतनु गुप्ता ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 2014 में मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर रामपुर में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कई खर्चों के आंकड़े बताए। उनके अनुसार, कार्यक्रम में पंडाल, प्रशासन और संस्कृति विभाग से जुड़े खर्चों के अलावा कलाकारों की फीस, बग्घी और बड़े केक जैसी व्यवस्थाएं भी की गई थीं।

शांतनु गुप्ता ने अपने पोस्ट में सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दीये जलाए गए तो इस पर आपत्ति क्यों की जा रही है। उनके ये आंकड़े और दावे उनके सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए हैं।

‘च्यवनप्राश खाइए और सुडोकू खेलिए’

शांतनु गुप्ता ने अपने जवाब में अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत अंदाज में तंज भी कसा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव को ‘च्यवनप्राश’ खाना चाहिए और ‘सुडोकू’ खेलना चाहिए, जिसे उन्होंने याददाश्त के अभ्यास से जोड़ा।

उन्होंने दीये को भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपरा का प्रतीक बताते हुए सवाल किया कि आखिर दीये जलाने से इतनी परेशानी क्यों है।

लखनऊ में बड़े स्तर पर हुआ था दीप प्रज्ज्वलन

पीएम मोदी के जन्मदिन पर लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक यहां करीब 3.5 लाख दीये जलाए गए और बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इस पूरे विवाद में एक तरफ अखिलेश यादव ने आयोजन के खर्च और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वहीं शांतनु गुप्ता ने उनके पुराने कार्यक्रमों का हवाला देकर जवाब दिया।

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