Chennai News: चेन्नई में हुई भारतीय वायु सेना की भर्ती परीक्षा के दौरान कथित तौर पर परीक्षा में धांधली का मामला सामने आया। इस मामले में हरियाणा के जींद जिले के चार युवकों को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इनमें से कुछ युवक दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे, जबकि कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करने की कोशिश कर रहे थे।
जींद पुलिस ने चार में से दो युवकों की पहचान की पुष्टि की है। इनमें थुआ गांव निवासी गौरव और छातर गांव निवासी अनिल शामिल हैं। हालांकि, बाकी दो युवकों की पूरी पहचान की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
एडमिट कार्ड की फोटो ने खोल दिया राज
मामला तब सामने आया जब चेन्नई के अवाडी स्थित इंडियन एयरफोर्स ट्रेनिंग सेंटर में उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की जांच की जा रही थी। अधिकारियों को एक उम्मीदवार के एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीर और परीक्षा देने पहुंचे युवक के चेहरे में अंतर नजर आया।
जांच के दौरान पता चला कि गौरव कथित तौर पर अमन कुमार की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद अधिकारियों ने उस कमरे की तलाशी ली, जहां संदिग्ध युवक ठहरे हुए थे। वहां से कुछ और संदिग्धों के बैग मिले।
जैमर ऑन होते ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हुए बेकार
जांच आगे बढ़ी तो दो अन्य युवकों के पास इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होने की बात सामने आई। बताया गया कि वे सिम-इनेबल्ड GSM कम्युनिकेशन डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल करने की कोशिश कर रहे थे।
एयरफोर्स अधिकारियों ने जैसे ही सिग्नल जैमर चालू किया, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए होने वाला कम्युनिकेशन बाधित हो गया। इससे अधिकारियों को नकल के कथित नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिली।
मौके से ब्लूटूथ डुअल-सिम GSM बॉक्स, ब्लूटूथ ईयरपीस, आठ मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए गए।
50 हजार रुपये एडवांस लेने का आरोप
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने के लिए उन्हें 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। इसके बाद एयरफोर्स अधिकारियों ने सभी आरोपितों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
जींद पुलिस के अनुसार, गौरव और अनिल की पहचान की पुष्टि हो चुकी है और उनके खिलाफ जिले में कोई अन्य मामला दर्ज नहीं मिला है। वहीं, बाकी दो युवकों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेन्नई पुलिस और एयरफोर्स की ओर से मामले को लेकर जींद पुलिस को अभी तक आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए मामले की आगे की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
परीक्षा में नकल पर सख्ती का संकेत
यह मामला प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी उम्मीदवार और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर बढ़ती सख्ती को भी दिखाता है। एयरफोर्स अधिकारियों की सतर्कता और जैमर के इस्तेमाल से कथित नकल की कोशिश समय रहते पकड़ में आ गई।

