बॉलीवुड की कई फिल्में भले ही सालों पहले रिलीज हो चुकी हों, लेकिन उनके डायलॉग आज भी लोगों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बने हुए हैं। खासकर 90 के दशक और 2000 के शुरुआती दौर की फिल्मों ने ऐसे कई यादगार संवाद दिए, जिन्हें लोग आज भी मजाक, प्यार, मोटिवेशन या किसी खास मौके पर बोलते नजर आते हैं। यही वजह है कि ये डायलॉग फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों के बीच जिंदा रहते हैं।
‘बड़े-बड़े देशों में…’ से ‘मैं अपनी फेवरेट हूं’ तक
शाहरुख खान और काजोल की फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का डायलॉग ‘बड़े-बड़े देशों में छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं, सेन्योरिटा’ आज भी काफी मशहूर है। किसी छोटी बात को ज्यादा गंभीरता से न लेने की सलाह देनी हो, तो लोग इसे मजाकिया अंदाज में बोल देते हैं।
वहीं, जब वी मेट की गीत यानी करीना कपूर का ‘मैं अपनी फेवरेट हूं’ वाला अंदाज आत्मविश्वास का पॉपुलर उदाहरण बन चुका है। खुद को मोटिवेट करने या अपनी तारीफ करने के लिए इस डायलॉग का इस्तेमाल खूब किया जाता है।
‘ऑल इज वेल’ से ‘हाउज द जोश’ तक
आमिर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की 3 इडियट्स ने ‘ऑल इज वेल’ को ऐसा वाक्य बना दिया, जिसे मुश्किल समय में भी लोग बोलकर खुद को हिम्मत देते हैं।
इसी तरह विक्की कौशल की उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक का ‘हाउज द जोश?’ और जवाब में ‘हाई, सर!’ भी काफी लोकप्रिय हुआ। आज भी दोस्तों के बीच उत्साह बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल सुनने को मिल जाता है।
प्यार और दोस्ती के भी यादगार डायलॉग
कुछ-कुछ होता है का ‘प्यार दोस्ती है’ वाला डायलॉग आज भी प्यार और दोस्ती की बातचीत में सुनाई देता है। शाहरुख खान के इस संवाद ने फिल्म की कहानी के साथ-साथ दर्शकों की यादों में भी खास जगह बनाई।
वहीं, अमर प्रेम का राजेश खन्ना का ‘पुष्पा, आई हेट टीयर्स’ भी उन संवादों में शामिल है, जिन्हें लोग भावुक माहौल को हल्का करने के लिए बोलते हैं।
अमिताभ और अमरीश पुरी के डायलॉग भी अमर
अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की दीवार का ‘मेरे पास मां है’ हिंदी सिनेमा के सबसे ज्यादा दोहराए जाने वाले संवादों में गिना जाता है। इसी तरह मिस्टर इंडिया में अमरीश पुरी का ‘मोगैम्बो खुश हुआ’ आज भी लोगों को तुरंत फिल्म की याद दिला देता है।
शाहरुख खान की ओम शांति ओम का ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त’ भी ऐसी ही लोकप्रिय लाइन है। ये डायलॉग बताते हैं कि अच्छी फिल्में केवल कहानी नहीं छोड़तीं, बल्कि ऐसे शब्द भी देती हैं जो सालों तक लोगों की बातचीत में बने रहते हैं।

