Education News:स्कूली बच्चों के लिए शोधपरक और सस्ती पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली प्रमुख संस्था NCERT को अब डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। शिक्षा मंत्रालय ने इसे विशेष श्रेणी के डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इस नए दर्जे के साथ एनसीईआरटी अब शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और विस्तार देगा।
क्षेत्रीय संस्थानों को भी मिलेगा लाभ
मंत्रालय की अधिसूचना के तहत एनसीईआरटी के भोपाल, शिलांग, मैसूर, अजमेर और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय शैक्षणिक संस्थानों को भी इस संरचना में शामिल किया गया है। इनमें भोपाल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन भी शामिल है। इससे इन संस्थानों को भी उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने में नई सुविधा मिलेगी।
2023 में हुआ था एलान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने वर्ष 2023 में ही एनसीईआरटी को विश्वविद्यालय का दर्जा देने का एलान किया था। इसके बाद University Grants Commission (यूजीसी) ने इस विषय पर एनसीईआरटी के साथ विचार-विमर्श शुरू किया था, जिसे अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है।
अब शुरू कर सकेगा डिग्री, डिप्लोमा और रिसर्च प्रोग्राम
डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी अब:
- डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू कर सकेगा
- मास्टर स्तर के कार्यक्रम संचालित करेगा
- रिसर्च प्रोग्राम शुरू करेगा
- देशभर में नए कैंपस स्थापित कर सकेगा
इन गतिविधियों के लिए उसे अलग से यूजीसी की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि संस्था किसी भी तरह की व्यावसायिक या लाभ कमाने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगी।
अब खुद देगा अपनी डिग्रियां
अब तक एनसीईआरटी के क्षेत्रीय संस्थानों को डिग्री प्रदान करने के लिए स्थानीय राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्धता लेनी पड़ती थी। लेकिन डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब एनसीईआरटी और उसके क्षेत्रीय संस्थान स्वयं अपनी डिग्रियां प्रदान कर सकेंगे।फिलहाल इन संस्थानों में मुख्य रूप से शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन नए दर्जे के बाद भविष्य में कई नए अकादमिक और शोध कार्यक्रम शुरू किए जाने की संभावना है।
केंद्रीय संस्था का स्वरूप रहेगा बरकरार
एनसीईआरटी का गठन वर्ष 1961 में किया गया था और तब से यह स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पाठ्यपुस्तक निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षिक शोध का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद भी इसका केंद्रीय संस्था के रूप में स्वरूप बरकरार रहेगा और शिक्षा मंत्रालय से मिलने वाली वित्तीय सहायता भी जारी रहेगी।इस निर्णय से देश में शिक्षक शिक्षा, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षिक शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

