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Sunday, May 17, 2026
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UttraKhand News: हरिद्वार में भक्तिमय माहौल. हर की पौड़ी पर दिखी आस्था और विश्वास की खूबसूरत तस्वीर

UttraKhand News: Har Ki Pauri में अमावस्या के अवसर पर आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचने लगे। “गंगा स्नान” को लेकर लोगों में खास उत्साह नजर आया और श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ मां गंगा में पवित्र डुबकी लगाई।भक्तों का मानना है कि शनि अमावस्या के दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और भगवान शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। घाटों पर “हर हर गंगे” और “जय शनिदेव” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

क्यों खास मानी जाती है शनि अमावस्या?

हिंदू धर्म में शनि अमावस्या को बेहद शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन अमावस्या और शनिवार का दुर्लभ संयोग बनता है, जिसे कर्म शुद्धि और आत्मचिंतन का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शनि देव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और महादशा के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, तेल का दान करते हैं और जरूरतमंदों की सेवा भी करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और स्थिरता आती है।

प्रशासन ने किए सुरक्षा के खास इंतज़ाम

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल तथा सहायता केंद्र भी बनाए गए।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे सावधानी के साथ स्नान करें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमों का पालन करें। अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा उनकी पहली प्राथमिकता रही।

आध्यात्मिक माहौल ने श्रद्धालुओं को किया भावुक

हरिद्वार पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने कहा कि शनि अमावस्या पर गंगा स्नान करने से उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। दूर-दूर से आए भक्तों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
हाल ही में Pushkar Singh Dhami ने भी हरिद्वार में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए कहा था कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक परंपरा देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है। उन्होंने तीर्थ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।

सनातन संस्कृति के प्रति बढ़ रही आस्था

शनि अमावस्या जैसे पर्वों पर उमड़ने वाली भीड़ यह दिखाती है कि लोगों की आस्था और सनातन संस्कृति के प्रति जुड़ाव लगातार मजबूत हो रहा है। हरिद्वार में गंगा तट पर दिखाई देने वाला यह आध्यात्मिक उत्साह श्रद्धा, विश्वास और भारतीय परंपराओं की खूबसूरत झलक पेश करता है।

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