FSSAI Food Safety: देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच FSSAI ने फूड सेफ्टी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। FSSAI के CEO राजित पुनहानी के मुताबिक, खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाने पर क्रिमिनल केस दर्ज किया जा सकता है और जेल का भी प्रावधान है।
वहीं मिसब्रांडिंग और सब-स्टैंडर्ड फूड के मामलों में जनविश्वास कानून के तहत अब आपराधिक कार्रवाई की जगह पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। उदाहरण के लिए, पैकेट पर पांच ग्राम प्रोटीन का दावा हो, लेकिन वास्तविक मात्रा दो ग्राम मिले तो इसे मिसब्रांडिंग या सब-स्टैंडर्ड माना जा सकता है।
एनालॉग पनीर पर जल्द लग सकता है बैन
राजित पुनहानी ने बताया कि एनालॉग पनीर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी चल रही है और जल्द ही इस संबंध में घोषणा की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। FSSAI राज्यों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों के साथ नियमित समीक्षा करता है। देश में करीब 250 लैब और लगभग 300 मोबाइल लैब के जरिए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच की जाती है।
ऑनलाइन फूड पर दिखानी होगी एक्सपायरी डेट
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट उपभोक्ताओं को दिखाई जानी चाहिए। इसके लिए कंपनियों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। FSSAI के अनुसार, कंपनियों को इसके लिए अपने तकनीकी सिस्टम में जरूरी बदलाव करने होंगे।
जंक फूड और गलत दावों पर भी नजर
बच्चों में जंक और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती खपत को लेकर भी FSSAI ने ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें फैट, नमक और चीनी की मात्रा जैसे मानकों को आधार बनाया गया है। वहीं किसी प्रोडक्ट को गलत तरीके से ‘हेल्दी’ बताने वाले विज्ञापनों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
FSSAI लोगों को मिलावट की शिकायत के लिए Food Safety Connect ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह देता है। शिकायत के साथ उत्पाद की तस्वीर भी अपलोड की जा सकती है।

