बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस और बाइक चोर गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस को बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम कार्रवाई के लिए निकली थी। पुलिस जैसे ही संदिग्ध अपराधियों तक पहुंची, वैसे ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के दौरान दो जवान घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
चार दिनों में पांचवां एनकाउंटर
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बिहार में पिछले चार दिनों के भीतर यह पांचवां पुलिस एनकाउंटर बताया जा रहा है। लगातार हो रही मुठभेड़ों ने राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। बाइक चोरी, लूट और अन्य आपराधिक मामलों में शामिल गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अपराधियों ने पहले फायरिंग की थी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
इस मुठभेड़ के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर किन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही। तेजस्वी यादव के बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि अपराध के खिलाफ कार्रवाई को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। लगातार हो रही मुठभेड़ों से लोग एक तरफ सुरक्षा को लेकर राहत महसूस कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

