Delhi News: जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय तक चले सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाना और पानी की व्यवस्था करने वाले जुनैद एक बार फिर चर्चा में हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए जश्न में उनके नजर नहीं आने पर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब जुनैद ने एक इंटरव्यू में सामने आकर अपनी गैरमौजूदगी और आंदोलन के दौरान निभाई गई भूमिका पर विस्तार से बात की।
हिरासत में लिए जाने का किया दावा
जुनैद का कहना है कि 24 जुलाई की रात उन्हें कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह रेबीज का इंजेक्शन लगवाने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से लौटते समय कुछ लोगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने दावा किया कि करीब 17-18 घंटे तक उनसे पूछताछ हुई और बाद में उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़ दिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत के दौरान उनके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं हुई और उन्हें वही भोजन दिया गया जो पुलिसकर्मी खुद खा रहे थे।
कैसे हुई हजारों लोगों के खाने की व्यवस्था?
जुनैद पेशे से वकील हैं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के शुरुआती दिनों में उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी में प्रदर्शनकारी पानी के लिए परेशान हो रहे थे। इसके बाद उन्होंने खुद आगे बढ़कर पानी और खाने की व्यवस्था शुरू की।
उनका कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं था। लोग अपनी इच्छा से पानी की बोतलें, बिस्किट, दवाइयां और घर का बना खाना लेकर आते थे। इसी सामूहिक सहयोग की वजह से बड़ी संख्या में लोगों तक भोजन पहुंच पाया।
फंडिंग को लेकर दी सफाई
जुनैद ने किसी भी तरह की आर्थिक फंडिंग मिलने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने न नकद पैसा लिया और न ही ऑनलाइन भुगतान स्वीकार किया। उनका कहना है कि जिसने भी मदद करनी चाही, उसने सीधे जरूरी सामान उपलब्ध कराया। इसी सहयोग से आंदोलन के दौरान भोजन और पानी की व्यवस्था चलती रही।
क्या सीजेपी नेताओं से हुई बात?
जुनैद ने बताया कि उनकी अब तक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके या अन्य प्रमुख नेताओं से बातचीत नहीं हो पाई है। हालांकि लीगल टीम से जुड़ी रत्ना ने फोन कर हरसंभव कानूनी मदद का भरोसा दिया है। जुनैद का कहना है कि नेता फिलहाल व्यस्त या स्वास्थ्य कारणों से संपर्क नहीं कर पाए होंगे और उन्हें उम्मीद है कि जल्द बातचीत होगी।

