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सोमवार, सितम्बर 7, 2026
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‘जौहर कायरता नहीं, बहादुरी और भक्ति है’, स्वरा भास्कर के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने साधा निशाना

Bollywood News: एक्ट्रेस स्वरा भास्कर का करीब आठ साल पुराना जौहर को लेकर दिया गया बयान एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर स्वरा ने सवाल उठाते हुए कहा था कि इस तरह की प्रस्तुति महिलाओं के लिए गलत संदेश दे सकती है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

पश्चिम बंगाल में आयोजित हनुमत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने रानी पद्मावती और जौहर का जिक्र करते हुए कहा कि जौहर को कायरता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इसे बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा।

‘जौहर को कायरता कहना सही नहीं’

हनुमत कथा के दूसरे दिन लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिना नाम लिए स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जौहर को कायरता बताते हैं, लेकिन उनके अनुसार यह नजरिया सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि जो लोग आस्था और धार्मिक परंपराओं को नहीं समझते, वे जौहर की संस्कृति को किस तरह समझ पाएंगे। इस दौरान उन्होंने स्वरा की टिप्पणी पर तीखी भाषा में अपनी बात रखी।

स्वरा भास्कर ने क्या कहा था?

स्वरा भास्कर ने करीब आठ साल पहले फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने ‘पद्मावत’ में जौहर के दृश्य पर आपत्ति जताई थी।

स्वरा का कहना था कि बड़ी संख्या में महिलाओं के जौहर को सम्मान और गौरव से जोड़कर दिखाने से समाज में गलत संदेश जा सकता है। उनके मुताबिक, यौन हिंसा का सामना करने वाली महिला के लिए जीवित रहना भी साहस और सम्मान का विकल्प होना चाहिए।

हाल ही में दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्वरा ने अपने पुराने बयान और उस समय उठाई गई आपत्तियों का फिर से जिक्र किया था। इसके बाद यह मुद्दा दोबारा चर्चा में आ गया।

महिलाओं की जिंदगी और सम्मान पर उठाया था सवाल

स्वरा ने अपने पुराने बयान में सवाल किया था कि क्या किसी महिला को यौन हिंसा के बाद सम्मान के साथ जीने का अधिकार नहीं होना चाहिए? उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया था कि क्या ऐसी हिंसा का शिकार होने के बाद महिला का जीवन खत्म मान लेना उचित है।

नवरात्रि को लेकर भी की अपील

हनुमत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने नवरात्रि को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने देवी प्रतिमाओं के आसपास मांसाहारी भोजन की बिक्री नहीं होने देने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में ‘लव जिहाद’ को खत्म करने की बात भी कही।

धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी सामने आने के बाद जौहर, इतिहास, धार्मिक परंपराओं और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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