Bollywood News: 70 और 80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान अपनी शानदार एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेबाक और बोल्ड छवि के लिए भी जानी जाती हैं। फिल्मों में उन्होंने मजबूत किरदार निभाए, वहीं निजी जिंदगी को लेकर भी वह कई बार सुर्खियों में रहीं। अब एक हालिया बातचीत में जीनत ने अपनी शादी और जिंदगी में लिए गए फैसलों को याद करते हुए कई अहम बातें साझा की हैं।
अभिनेत्री ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान अपने पुराने फैसलों को ज्यादा समझदारी और हमदर्दी के साथ देख पाता है। उनके मुताबिक, जवानी में उन्होंने अपनी सोच और चाहत के आधार पर फैसले लिए थे। इनमें से कुछ फैसले उनके लिए अच्छे साबित हुए, जबकि कुछ से उन्हें मुश्किल अनुभव मिले।
‘बेवफाई सिर्फ बॉलीवुड की बात नहीं’
बॉलीवुड में रिश्तों और बेवफाई को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं। इस पर जीनत अमान ने साफ कहा कि बेवफाई को केवल फिल्म इंडस्ट्री से जोड़कर देखना सही नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंसानी कमजोरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की खास बात यह है कि कलाकारों की निजी जिंदगी अक्सर लोगों के मनोरंजन और गपशप का हिस्सा बन जाती है। जीनत का मानना है कि किसी के टूटे हुए रिश्ते को चर्चा का विषय बनाने से किसी का भला नहीं होता।
मजहर खान संग शादी को लेकर क्या बोलीं?
जीनत अमान ने अभिनेता मजहर खान के साथ अपनी शादी के बारे में भी खुलकर बात की। दोनों ने 1985 में शादी की थी और उनके दो बेटे अजान और जहान हैं। जीनत ने बताया कि जब उन्होंने मजहर से शादी की थी, तब वह मां बनने और परिवार शुरू करने के लिए तैयार थीं।
अभिनेत्री ने कहा कि उस समय उनका मानना था कि शादी परिवार बसाने का रास्ता है और उन्होंने उसी सोच के साथ अपना फैसला लिया था। हालांकि, समय के साथ उन्हें इस रिश्ते से कई मुश्किल अनुभव मिले।
‘मुझे उम्मीद थी कि हालात बदलेंगे’
जीनत ने कहा कि वह लंबे समय तक इसलिए रिश्ते में बनी रहीं क्योंकि उन्होंने एक वादा किया था, उनके बच्चे थे और उन्हें उम्मीद थी कि परिस्थितियां बदल जाएंगी। इस अनुभव ने उन्हें प्यार और खुद को पूरी तरह भूल जाने के बीच का अंतर समझाया।
उन्होंने यह भी माना कि किसी दूसरे इंसान को बचाने की कोशिश में खुद को बर्बाद नहीं किया जा सकता। हालांकि, मजहर उनके बच्चों के पिता थे, इसलिए जीनत ने उनके बारे में कोई बुरी बात कहने से परहेज किया।
फिल्मों में बनाया अलग मुकाम
जीनत अमान ने हिंदी सिनेमा में महिला किरदारों की पारंपरिक छवि को नया अंदाज दिया। ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘यादों की बारात’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ और ‘डॉन’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई। आज भी उनकी बेबाकी और शानदार फिल्मी सफर को याद किया जाता है।

