Entertainment News: टीवी की मशहूर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी एक बार फिर सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली ऑनलाइन बदसलूकी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाले मैसेज भेजे। श्वेता ने चुप रहने के बजाय इन मैसेज और संबंधित अकाउंट्स के स्क्रीनशॉट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर कर दिए।
एक्ट्रेस ने साफ संदेश दिया कि सोशल मीडिया की स्क्रीन के पीछे छिपकर किसी महिला का अपमान करने वालों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे आसानी से बच जाएंगे।
MNS समर्थक होने का किया था दावा
मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब बदसलूकी करने वाले कुछ लोगों ने खुद को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS का समर्थक बताया। श्वेता ने इस पर MNS प्रमुख राज ठाकरे को टैग करते हुए सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह की भाषा किसी राजनीतिक संगठन के समर्थकों को शोभा देती है?
इसके बाद MNS की नेता स्नेहल अडारकर ने श्वेता से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा को पार्टी बिल्कुल स्वीकार नहीं करती और आरोपी पार्टी का आधिकारिक सदस्य नहीं था।
तीन दिन में आरोपी तक पहुंची MNS टीम
स्नेहल अडारकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को खोजने का भरोसा दिया। इसके बाद पार्टी की ओर से जांच शुरू की गई और महज तीन दिनों के भीतर मुख्य आरोपी का पता लगा लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी का फोन नंबर श्वेता के साथ साझा किया गया। साथ ही उससे अपने व्यवहार के लिए हाथ से लिखी माफी की चिट्ठी भी लिखवाई गई। आरोपी ने अपनी हरकत के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
श्वेता ने MNS के एक्शन की तारीफ की
मामले में तेजी से कार्रवाई होने के बाद श्वेता तिवारी ने MNS टीम और स्नेहल अडारकर का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें अपनी शिकायत के लिए बार-बार किसी के पीछे नहीं भागना पड़ा और पार्टी ने खुद आगे बढ़कर मामले को गंभीरता से लिया।
श्वेता ने महिलाओं के सम्मान को लेकर इस तरह की तत्परता की सराहना की और कहा कि भविष्य में भी ऐसी स्थिति आने पर उन्हें मदद का भरोसा दिया गया है।
ऑनलाइन ट्रोलिंग के खिलाफ श्वेता का कड़ा संदेश
मामला सुलझने के बाद भी श्वेता ने ऑनलाइन ट्रोलिंग की बड़ी समस्या पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि सिर्फ एक-दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। सोशल मीडिया पर पहचान छिपाकर महिलाओं को गाली देना और परेशान करना गंभीर मुद्दा है।
श्वेता की आवाज उन महिलाओं के लिए भी एक संदेश है जो ऑनलाइन बदसलूकी का सामना करती हैं। जरूरी है कि ऐसे मामलों में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत की जाए और गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई जाए।

