AssamElections 2026 :असम की राजनीति इन दिनों काफी हलचल में है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयंत कुमार दास ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया। और वजह? 35 साल तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद उन्हें दिसपुर विधानसभा सीट का टिकट नहीं मिला। यह सुनकर लोग चौंक गए, लेकिन दास ने हिम्मत दिखाते हुए अब निर्दलीय उम्मीदवार बनकर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। इस कदम ने न केवल इस सीट की सियासत को गरमा दिया है, बल्कि पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।
जयंत कुमार दास बीजेपी के पुराने और भरोसेमंद नेता
जयंत कुमार दास बीजेपी के ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने तीन दशकों से ज्यादा समय तक पार्टी के लिए जी-जान से काम किया। असम बीजेपी के पूर्व उपाध्यक्ष भी रहे, और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती रही। उन्हें हमेशा एक जमीनी, मेहनती और समर्पित नेता के रूप में देखा गया।
भरोसा टूटा नाराजगी जाहिर
दास ने खुलकर कहा कि टिकट न मिलने से उनकी भरोसे की नींव हिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने मूल रास्ते से भटक चुकी है। उन्हें दुःख है कि इतने वर्षों की सेवा के बावजूद उनकी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह तक नहीं पहुंची। उनका कहना है कि अगर ऐसा होता, तो वे जरूर इस कदम से दुखी होते।
निर्दलीय चुनाव और नया रोमांच
अब दिसपुर विधानसभा सीट पर तीन मोर्चों की टक्कर बन गई है—बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय जयंत कुमार दास। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मुकाबला सिर्फ सीट का नहीं, बल्कि साख और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला भी है।
जनता की उम्मीदें और बदलाव की मांग
दास के समर्थकों का कहना है कि दिसपुर में कृत्रिम बाढ़, पीने के पानी की कमी और प्रशासन की खामियों को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। उनका मानना है कि जनता अब बदलाव चाहती है और जयंत कुमार दास इस बदलाव का चेहरा बन सकते हैं।
बीजेपी का जवाब
बीजेपी ने इस बगावत को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता और उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई इस सीट से जीत दर्ज करेंगे।अब दिसपुर की राजनीति सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि भरोसे और नेतृत्व की कहानी भी बन चुकी है। जनता की नजरें और दिल दोनों इस मुकाबले पर टिकी हैं।

