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Tuesday, July 9, 2024
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Force Feeding Effects: बच्चे को खिलाते हैं जबरदस्ती? जान लें इसके नुकसान

Force Feeding Effects: आपने अक्सर देखा होगा कि माता-पिता अपने बच्चों को खिलाने के लिए कई तरह के जतन करते हैं। वे बच्चे को एक-एक निवाला खिलाने के लिए कई घंटों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में कई माता-पिता को यह समय युद्ध जैसा लगने लगता है। लेकिन यही स्थिति बच्चों के लिए भी है। दरअसल, माता-पिता खाने को प्यार से जोड़ते हैं। उन्हें लगता है कि बच्चे को ज्यादा खिलाना उनकी जरूरत के साथ-साथ प्यार भी है। लेकिन माता-पिता का यह प्रयास कितना सही है, यह जानना आपके लिए जरूरी है।

1. खाने से नकारात्मक जुड़ाव

जब आप अपने बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाते हैं, तो यह समय आपके लिए ही नहीं, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चे खाने का पूरा स्वाद नहीं ले पाते। जिससे कई बार उन्हें पूरा पोषण नहीं मिल पाता। ऐसे में बच्चे नकारात्मक महसूस करने लगते हैं।

2. भूख पर नियंत्रण नहीं

जब बच्चों को भूख लगती है, तो वे खुद ही खाना मांगते हैं। बच्चों में यह गुण जन्मजात होता है। नवजात शिशु भी भूख लगने पर रोता है और दूध मांगता है। लेकिन जब आप बच्चे को अपने समय के हिसाब से जबरदस्ती खाना खिलाते हैं, तो उसका प्राकृतिक सिस्टम प्रभावित होता है। वह अपनी भूख पर नियंत्रण खो देता है और भूख महसूस नहीं कर पाता। कई बार बच्चे पेट भरे होने के लक्षण महसूस करना बंद कर देते हैं और ज़्यादा खाने के शिकार हो जाते हैं। आगे चलकर ऐसे बच्चों का वज़न बढ़ने लगता है। कई बच्चों में एनोरेक्सिया या बुलिमिया जैसे खाने के विकार भी हो सकते हैं।

3. बच्चे के साथ बॉन्ड कम हो सकता है

किसी भी परिवार के लिए खाने का समय बहुत अहम होता है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर दिनभर की खुशियाँ और बातें शेयर करते हैं। लेकिन इस दौरान जब आप बच्चे को ज़बरदस्ती खाना खिलाते हैं तो यह समय संघर्ष और निराशा में बदल जाता है। ऐसे में पूरे घर में तनाव का माहौल बन जाता है। धीरे-धीरे इसका असर माता-पिता और बच्चों के बीच के बॉन्ड पर भी पड़ता है।

4. खाने में रुचि कम हो सकती है

ज़रूरी नहीं है कि जो खाना आपको पसंद हो वो बच्चों को भी पसंद हो। अगर आप दोनों का स्वाद एक जैसा नहीं है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर आप हमेशा अपने बच्चे को अपनी पसंद का खाना खाने के लिए मजबूर करते हैं तो खाने में उसकी रुचि कम हो सकती है। यह समस्या उसे ज़िंदगी भर परेशान कर सकती है।

5. बच्चों का आत्मविश्वास कमज़ोर होता है

जब बच्चे अपने माता-पिता के दबाव में खाने के लिए मजबूर होते हैं, तो उनका आत्मविश्वास अंदर से कम होने लगता है। उन्हें लगता है कि कोई उनकी भावनाओं की कद्र नहीं करता। इससे बच्चे बहुत दुखी भी होते हैं। इसलिए खाने को लेकर झगड़ा न करें। ध्यान रखें कि बच्चा भूख लगने पर खुद ही खाना खा लेगा।

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