spot_img
शनिवार, जुलाई 4, 2026
-विज्ञापन-

More From Author

Ketan Murder Case में नया ट्विस्ट, क्या पुलिस कस्टडी में 30,000 की स्वेटशर्ट पहन रही थी Siya? जानिए क्या है सच

Ketan Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब एक नया विवाद सोशल मीडिया पर छा गया है। इस बार चर्चा हत्या की जांच से ज्यादा आरोपी सिया गोयल के कपड़ों को लेकर हो रही है। कई वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि पुलिस कस्टडी के दौरान सिया ने करीब ₹30,000 की लग्जरी स्वेटशर्ट पहनी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।हालांकि, इस दावे की सच्चाई को लेकर भी लोगों के बीच बहस छिड़ गई है और कई यूजर्स ने वायरल पोस्ट पर सवाल उठाए हैं।

30,000 की स्वेटशर्ट का दावा कितना सही?

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में कहा गया कि सिया गोयल जेल और पुलिस कस्टडी में भी लग्जरी लाइफ जी रही हैं। कुछ पोस्ट में यह तक आरोप लगाया गया कि वह केतन अग्रवाल से लिए गए कथित ₹1 करोड़ का इस्तेमाल कर रही हैं।लेकिन कई यूजर्स ने इन दावों को गलत बताया। उनका कहना है कि वायरल तस्वीर में दिखाई गई स्वेटशर्ट ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म Ajio पर लगभग ₹1,600 में उपलब्ध है। ऐसे में ₹30,000 वाली बात सिर्फ अफवाह हो सकती है।कई लोगों ने यह भी लिखा कि किसी आरोपी के कपड़ों को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने से जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस मामले में सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। कुछ लोग वायरल दावों पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि कई यूजर्स ने इसे केवल लाइक्स और व्यूज बढ़ाने का तरीका बताया।एक यूजर ने लिखा कि यदि आरोपी दोषी साबित होती हैं तो कानून अपना काम करेगा, लेकिन बिना पुष्टि के कपड़ों और लाइफस्टाइल को लेकर गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।

क्या है पूरा केतन अग्रवाल मर्डर केस?

यह मामला पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत से जुड़ा है। 18 जून को लोहगढ़ किले के पास उनकी गिरने से मौत हुई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में हत्या की आशंका सामने आई।पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित रूप से उन्हें पहाड़ी से धक्का दिया। दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

जांच में सामने आए नए दावे

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे चैट और बातचीत मिली हैं जिनमें कथित तौर पर कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या घटना से पहले किसी तरह की रिहर्सल की गई थी।फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में अभी आरोप साबित होना बाकी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को अंतिम सच मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

Latest Posts

-विज्ञापन-

Latest Posts