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Saturday, May 16, 2026
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मलमास मेला 2026: देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना,27 मई से शुरू होंगे शाही स्नान

Malmas Mela 2026: Rajgir में लगने वाला मलमास मेला 2026 इस बार 17 मई से 15 जून तक आयोजित किया जाएगा। Nalanda district प्रशासन और Bihar सरकार के पर्यटन विभाग ने इसके सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।

आस्था और परंपरा का अनोखा संगम

मलमास, जिसे अधिमास भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग में बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में देवी-देवताओं का वास राजगीर में होता है। इसी आस्था के चलते साधु-संत और श्रद्धालु पूरे महीने यहां प्रवास करते हैं और 22 कुण्डों व 52 धाराओं में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। यह मेला राजगीर की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है।

शाही स्नान की प्रमुख तिथियां

मेले में कई महत्वपूर्ण शाही स्नान आयोजित किए जाएंगे। 27 मई को प्रथम शाही स्नान, 31 मई को द्वितीय, 5 जून को पंचमी स्नान, 11 जून को तृतीय शाही स्नान और 15 जून 2026 को अमावस्या स्नान एवं मेले का समापन होगा। इन अवसरों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर जर्मन हैंगर पंडाल बनाए गए हैं। राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस, रेलवे स्टेशन परिसर और ब्रह्मकुंड क्षेत्र में हजारों लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। यहां चेंजिंग रूम, शौचालय, पेयजल, हेल्थ कैंप, सीसीटीवी निगरानी और कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही सस्ती भोजन व्यवस्था भी की गई है।

पार्किंग और परिवहन व्यवस्था

वाहनों के लिए कई स्थानों पर पार्किंग जोन बनाए गए हैं। इनमें किला मैदान, विश्वशांति स्तूप, पीटीजेएम कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मेयार बाईपास जैसे स्थान शामिल हैं। इससे श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।

सुरक्षा और आपात व्यवस्था

मेला क्षेत्र में सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं को 24×7 सक्रिय रखा गया है। हेल्पलाइन 112 के साथ-साथ नियंत्रण कक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।

प्रशासन की अपील

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और राजगीर की पवित्रता और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने में सहयोग दें, ताकि यह मेला सुरक्षित और सफल बन सके।

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