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Wednesday, May 20, 2026
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क्या राजीव कृष्णा बनेंगे यूपी पुलिस के स्थायी मुखिया? UPSC पैनल में किस नाम पर लगी मुहर

UP New DGP: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस महीने के आखिर तक राज्य को नया स्थायी डीजीपी मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी को भेजे गए नामों में से तीन अधिकारियों के पैनल पर लगभग सहमति बन चुकी है।
जैसे ही यह पैनल केंद्र से वापस आएगा, उसके बाद सरकार स्थायी डीजीपी के नाम का ऐलान कर सकती है। फिलहाल सबसे मजबूत दावेदार के रूप में राजीव कृष्णा का नाम सामने आ रहा है।

वरिष्ठता सूची में कौन-कौन शामिल?

यूपी कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में सबसे ऊपर 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा का नाम आता है। हालांकि, पिछले साल सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद से वह सरकार की नाराजगी का सामना कर रही हैं। बताया जा रहा है कि जुलाई 2024 से वह डीजीपी मुख्यालय से अटैच चल रही हैं। ऐसे में उनका नाम पैनल में जरूर हो सकता है, लेकिन सरकार उनके नाम पर गंभीरता से विचार करेगी, इसकी संभावना काफी कम मानी जा रही है।

आलोक शर्मा और पीयूष आनंद भी चर्चा में

वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में दूसरा नाम 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक शर्मा का है। वह इस समय एसपीजी के डायरेक्टर हैं। लेकिन अगले महीने उनका रिटायरमेंट होने वाला है, इसलिए माना जा रहा है कि उनकी दावेदारी मजबूत नहीं है। इसके बाद 1991 बैच के ही अधिकारी पीयूष आनंद का नाम आता है। वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीजी एनडीआरएफ के पद पर तैनात हैं। हालांकि, पीएसी में प्रमोशन से जुड़े एक पुराने आदेश को लेकर सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वह आदेश वापस लेना पड़ा था।

राजीव कृष्णा क्यों सबसे आगे?

इन सभी नामों के बीच वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्णा सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। उनका रिटायरमेंट जून 2029 में होना है, यानी उनके पास लंबा कार्यकाल भी मौजूद है।।राजीव कृष्णा इस समय डीजी विजिलेंस के पद पर तैनात हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के बाद सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार उनके कामकाज से संतुष्ट है। यही वजह है कि यूपीएससी से पैनल आने के बाद राजीव कृष्णा को स्थायी डीजीपी बनाए जाने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है।

जल्द हो सकता है अंतिम फैसला

अब सबकी नजर केंद्र से आने वाले अंतिम पैनल पर टिकी है। माना जा रहा है कि मई के आखिर तक यूपी पुलिस को नया स्थायी मुखिया मिल जाएगा। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो राजीव कृष्णा उत्तर प्रदेश के नए स्थायी डीजीपी बन सकते हैं।

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