Night Heatwave Danger: अब तक लोग गर्मियों में सिर्फ दिन की तेज धूप और लू से बचने की तैयारी करते थे। लेकिन अब मौसम वैज्ञानिक और डॉक्टर एक नए खतरे को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। इस खतरे का नाम है ‘नाइट हीटवेव’, यानी रात में पड़ने वाली खतरनाक गर्मी। आमतौर पर सूर्य ढलने के बाद तापमान कम होने लगता है और लोगों को राहत मिलती है। लेकिन नाइट हीटवेव में रात का तापमान भी बहुत ज्यादा बना रहता है। कई शहरों में रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच रहा है। इससे शरीर को ठंडा होने और आराम करने का मौका नहीं मिल पाता।
क्यों बढ़ रही है नाइट हीटवेव?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण शहरों में तेजी से बढ़ता कंक्रीट है। सीमेंट और कंक्रीट की इमारतें दिनभर गर्मी सोखती रहती हैं और रात में धीरे-धीरे वही गर्मी छोड़ती हैं। इससे शहर गांवों के मुकाबले ज्यादा गर्म रहते हैं। इसके अलावा ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज भी बड़ी वजह हैं। वातावरण में बढ़ती ग्रीनहाउस गैसें धरती की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देतीं। वहीं हवा में ज्यादा नमी होने पर पसीना सूख नहीं पाता और उमस भरी गर्मी लोगों को बेचैन कर देती है।
दिन की लू से ज्यादा खतरनाक क्यों?
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को रात में ठंडक की जरूरत होती है, ताकि दिनभर की थकान दूर हो सके। लेकिन जब रात में भी गर्मी बनी रहती है, तो शरीर लगातार तनाव में रहता है।
ऐसी स्थिति में दिल की धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लोगों की नींद पूरी नहीं होती, जिससे शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं। लगातार गर्मी रहने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। यह समस्या बुजुर्गों, बच्चों, दिल और डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।
खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
नाइट हीटवेव से बचने के लिए रात में कमरे को ठंडा रखना बेहद जरूरी है। शाम के समय खिड़कियां खोलकर हवा आने दें। अगर घर में एसी नहीं है, तो कूलर और एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें। सोने से पहले सामान्य पानी से नहाना शरीर को राहत देता है। हल्के और सूती कपड़े पहनें। रात में पानी पीना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि शरीर सोते समय भी पानी खोता रहता है। भारी और मसालेदार खाने से बचना चाहिए। रात का भोजन हल्का रखें, जैसे दही, सलाद, फल या खिचड़ी। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले समय में नाइट हीटवेव एक बड़ी चुनौती बन सकती है, इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।

