Vrindavan Boat Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में Yamuna River के केसी घाट पर शुक्रवार दोपहर हुए दर्दनाक बोट हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे को लेकर सामने आई नई जानकारी के अनुसार, अगर नाविक ने श्रद्धालुओं की चेतावनी मान ली होती तो शायद 10 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे से पहले ही बोट में सवार श्रद्धालुओं को खतरे का अंदेशा हो गया था। पंजाब के लुधियाना और हिसार से आए 37 श्रद्धालु दोपहर करीब 2:30 बजे केसी घाट से मोटरबोट में सवार हुए थे। जैसे ही नाविक ने यमुना नदी में बोट की रफ्तार तेज की, यात्रियों में घबराहट फैल गई और उन्होंने चालक से बार-बार स्पीड कम करने की अपील की, लेकिन उसने अपनी महारत का हवाला देते हुए उनकी बात नजरअंदाज कर दी।
चेतावनी के बावजूद बढ़ाई गई रफ्तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालुओं ने आखिरी बार जोर से कहा—“अब बोट को आगे नहीं ले जाओ, वापस ले चलो।” कुछ देर के लिए बोट रुकी भी, लेकिन चालक ने उसे मोड़ने के बजाय अचानक फिर से स्पीड बढ़ा दी। इसी दौरान तेज हवा के झोंकों और अनियंत्रित रफ्तार के कारण बोट सीधे पांटून पुल से टकरा गई।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोट का संतुलन बिगड़ गया। जान बचाने के प्रयास में यात्री एक तरफ झुक गए, जिससे नाव बीच नदी में पलट गई और अफरा-तफरी मच गई।
22 लोगों को बचाया गया, 10 की मौत
हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों और Provincial Armed Constabulary (PAC) की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कुल 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं।घटना के बाद देर रात तक National Disaster Response Force (NDRF), सेना और ड्रोन कैमरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
संबंधित विभाग पर कार्रवाई की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासन ने पांटून पुल हटाने वाली टीम और संबंधित विभाग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की बात सामने आ रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
घटना पर Narendra Modi और Yogi Adityanath ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

