Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के Mathura जिले के वृंदावन में Yamuna River में 10 अप्रैल को हुए नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। प्रशासन के अनुसार एक और शव मिलने के बाद यह आंकड़ा बढ़ा है, जबकि अभी भी दो लोगों की तलाश जारी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।
NDRF और SDRF की टीमें चला रहीं सर्च ऑपरेशन
लापता लोगों की तलाश के लिए National Disaster Response Force (NDRF), State Disaster Response Force (SDRF), पुलिस और गोताखोरों की टीमें लगातार यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें सुरक्षित या उनका पता नहीं चल जाता।
हादसे से पहले भजन-कीर्तन कर रहे थे श्रद्धालु
हादसे से पहले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें नाव में सवार श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि श्रद्धालु धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए थे और उसी दौरान नाव पलटने से यह बड़ा हादसा हो गया।
गोकुल बैराज के पास मिली ढोलक
घटना के अगले दिन Gokul Barrage के पास नदी में श्रद्धालुओं की ढोलक तैरती हुई मिली, जिसे वे हादसे से पहले भजन-कीर्तन के दौरान बजा रहे थे। यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा।
नाविक और ठेकेदार गिरफ्तार
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नाविक और ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, नाव में सवार अधिकांश श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से आए Banke Bihari Club के सदस्य थे, जो हर वर्ष वृंदावन दर्शन के लिए आते थे।
मृतकों की पहचान हुई शुरू
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार मृतकों में कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55) सहित अन्य शामिल हैं। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृह राज्य पंजाब भेजा जा रहा है।इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, वहीं प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है।

