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Saturday, May 23, 2026
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Uttrakhand News:  नैनीताल में दर्दनाक हादसा: घूमने आए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

Uttrakhand News:  नैनीताल की खूबसूरत वादियां इस बार एक परिवार के लिए दर्द की याद बन गईं। शहर की बेटी सीमा कैड़ा चुफाल अपने पति भूपेंद्र चुफाल और दो बच्चों के साथ मायके आई थीं। परिवार नई कार की खुशी मना रहा था। रिश्तेदारों से मिलने और बच्चों के साथ घूमने का उत्साह था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।मल्लीताल निवासी बिशन सिंह कैड़ा के घर में उस समय खुशियों का माहौल था, जब उनकी बेटी पूरे परिवार के साथ नैनीताल पहुंची। सोमवार को परिवार शहर आया था। घर में रौनक थी और सभी लोग बेटी और बच्चों के आने से बेहद खुश थे।

नैनीताल की वादियों में बिताए खुशी के पल

बुधवार को परिवार ने नैनीताल की खूबसूरती का आनंद लिया। सभी ने झील में नौकायन किया, रोपवे की सैर की और खूब तस्वीरें खिंचवाईं। परिवार के लोग हंसी-मजाक करते हुए खुशियां मना रहे थे। किसी को नहीं पता था कि यही तस्वीरें बाद में उनकी आखिरी याद बन जाएंगी।करीबी लोगों के मुताबिक, बुधवार को भवाली में रिश्तेदार के होटल जाने का कार्यक्रम था, लेकिन किसी वजह से वह टल गया। गुरुवार को सीमा अपने परिवार के साथ छोटी बहन के दूनीखाल स्थित रिसॉर्ट के लिए निकलीं, लेकिन रास्ते में दर्दनाक हादसा हो गया।

एक हादसे ने सबकुछ खत्म कर दिया

इस हादसे ने कुछ ही पलों में पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। शहर के लोगों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद रही। पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू ने कहा कि यह हादसा कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

अधूरे रह गए सपने

इस दर्दनाक घटना ने सिर्फ चार लोगों की जान नहीं ली, बल्कि कई सपनों को भी खत्म कर दिया। भूपेंद्र चुफाल एक कंपनी में प्रबंधक पद पर काम कर रहे थे और विदेश जाने की तैयारी कर रहे थे। वह बेहतर भविष्य के सपने देख रहे थे। बताया गया कि वीजा प्रक्रिया के लिए शादी का प्रमाण पत्र बनवाना जरूरी था। इसी काम के लिए बुधवार को पूरा परिवार साइबर कैफे भी गया था। करीब एक घंटे तक दस्तावेज तैयार किए गए। किसी ने नहीं सोचा था कि अगले ही दिन सबकुछ खत्म हो जाएगा।

बेटे के सपने भी टूट गए

परिवार का बेटा मुंबई में पढ़ाई कर रहा था। उसे लखनऊ में प्रशिक्षण के लिए जाना था। वह कुछ समय के लिए घर आया था और परिवार के साथ घूमने निकल पड़ा। शायद उसे भी नहीं मालूम था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।
परिवार ने बच्चों के भविष्य को लेकर कई सपने देखे थे। कोई बड़ा अधिकारी बनेगा, कोई परिवार का नाम रोशन करेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

पूरे शहर में पसरा मातम

अब मल्लीताल बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस घर में कुछ दिन पहले हंसी और खुशियों की आवाजें थीं, वहां अब सिर्फ आंसू और चीखें हैं। शहर के लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं और हर आंख नम दिखाई दे रही है। लोग बस यही कह रहे हैं कि भगवान ऐसा दुख किसी को न दे। नैनीताल की वादियां, जो हर साल लोगों को सुकून देती हैं, इस बार एक पूरे परिवार को हमेशा के लिए अपने साथ ले गईं।

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