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Thursday, May 14, 2026
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विदेश में MBBS: जाने कम फीस में डॉक्टर बनने के लिए टॉप देश, एडमिशन से लेकर एग्जाम तक पूरी जानकारी

Best Medical Studies in Abroad: भारत में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट परीक्षा देते हैं। हालांकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटें और बेहद हाई कटऑफ के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को मनचाहा कॉलेज नहीं मिल पाता। ऐसे में कई छात्र विदेश में एमबीबीएस करने का विकल्प चुनते हैं, जहां कम फीस, बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलने की संभावना रहती है।

विदेश में MBBS क्यों चुन रहे हैं छात्र?

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की भारी फीस से बचने के लिए अब छात्र विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। रूस, जॉर्जिया, फिलीपींस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों में कम खर्च में मेडिकल की पढ़ाई पूरी की जा सकती है। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को ग्लोबल करियर बनाने वाले छात्र ज्यादा पसंद करते हैं।

रूस बना भारतीय छात्रों की पहली पसंद

रूस लंबे समय से भारतीय छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय देशों में गिना जाता है। यहां MBBS कोर्स आमतौर पर 6 साल का होता है और कई यूनिवर्सिटीज अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करवाती हैं। भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या होने के कारण वहां एडजस्ट करना भी आसान माना जाता है।रूस में MBBS की कुल लागत लगभग 25 से 45 लाख रुपये तक हो सकती है। यहां की कई यूनिवर्सिटीज WHO और NMC से मान्यता प्राप्त हैं। हालांकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में प्रैक्टिस करने के लिए FMGE या NEXT परीक्षा पास करनी होती है।

जॉर्जिया और फिलीपींस भी तेजी से हो रहे लोकप्रिय

हाल के वर्षों में जॉर्जिया भारतीय छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यहां का मेडिकल एजुकेशन सिस्टम यूरोपीय मानकों पर आधारित माना जाता है। कई छात्र यहां से पढ़ाई के साथ USMLE और PLAB जैसी अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारी भी करते हैं।वहीं फिलीपींस कम खर्च और अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के कारण पसंद किया जाता है। यहां मेडिकल शिक्षा में क्लीनिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। छात्रों को शुरुआती दौर में ही मरीजों के साथ प्रैक्टिकल एक्सपोजर मिलने लगता है।

कम बजट वालों के लिए अच्छे ऑप्शन

अगर छात्र कम बजट में MBBS करना चाहते हैं तो कजाकिस्तान और किर्गिस्तान बेहतर विकल्प माने जाते हैं। यहां फीस और रहने का खर्च दोनों कम होता है। हालांकि छात्रों को यूनिवर्सिटी चुनते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि सभी संस्थानों का FMGE रिजल्ट अच्छा नहीं होता।

चीन और बेलारूस भी दे रहे अवसर

चीन में MBBS कोर्स 6 साल का होता है और कई यूनिवर्सिटीज विदेशी छात्रों को स्कॉलरशिप भी देती हैं। वहीं बेलारूस को भी कम फीस और WHO-NMC मान्यता के कारण अच्छा विकल्प माना जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल पढ़ाई के लिए सही देश चुनते समय छात्रों को फीस, भाषा, मान्यता, एग्जाम पैटर्न और भविष्य के करियर विकल्पों को ध्यान में रखना चाहिए।

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