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गुरूवार, नवम्बर 5, 2026
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Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना-चांदी ही नहीं, झाड़ू खरीदना भी है खास, जानें कौन सी झाड़ू खरीदना माना जाता है शुभ

धनतेरस का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी नई चीजें खरीदना शुभ मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की भी एक खास परंपरा है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन नई झाड़ू खरीदने को सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

अगर आप भी धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि कौन सी झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, कितनी झाड़ू खरीदनी चाहिए और इसकी पूजा किस तरह की जाती है।

 धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का क्या है महत्व?

धनतेरस दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन घर में नई चीजें लाने के साथ साफ-सफाई का भी विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी का स्वागत साफ और व्यवस्थित घर में किया जाता है।

धार्मिक और लोक परंपराओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ऐसा विश्वास है कि धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने से घर की नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, जिनका पालन लोग अपनी आस्था के अनुसार करते हैं।

 कौन सी झाड़ू खरीदना माना जाता है शुभ?

धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय उसके प्रकार का भी ध्यान रखा जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, प्राकृतिक घास या सींक से बनी झाड़ू खरीदना अच्छा माना जाता है।

कई लोग मजबूत सींक वाली या फूल वाली झाड़ू को प्राथमिकता देते हैं। हाथ से तैयार की गई पारंपरिक झाड़ू भी इस मौके पर खरीदी जाती है। हालांकि, झाड़ू के किसी एक खास प्रकार को लेकर सभी क्षेत्रों में एक जैसी मान्यता नहीं है।

 धनतेरस पर कितनी झाड़ू खरीदनी चाहिए?

अब सवाल आता है कि धनतेरस पर कितनी झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है? कुछ धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विषम संख्या में झाड़ू खरीदना अच्छा माना जाता है।

इसके तहत लोग 3, 5 या 7 झाड़ू खरीदते हैं। हालांकि, यह कोई अनिवार्य नियम नहीं है। आप अपने घर की जरूरत और बजट के हिसाब से झाड़ू खरीद सकते हैं।

नई झाड़ू की पूजा कैसे करें?

धनतेरस पर खरीदी गई नई झाड़ू को इस्तेमाल करने से पहले उसकी पूजा करने की परंपरा भी है। इसके लिए झाड़ू पर हल्दी, कुमकुम और अक्षत लगाकर मां लक्ष्मी का स्मरण किया जाता है।

कुछ घरों में झाड़ू पर सफेद धागा बांधने की भी परंपरा है। इसके बाद इसे घर की साफ-सफाई में इस्तेमाल किया जाता है।

 दिवाली पर मंदिर की सफाई का भी है महत्व

धनतेरस पर खरीदी गई नई झाड़ू से दिवाली के दिन घर और पूजा स्थल की सफाई करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि साफ-सुथरे स्थान पर पूजा करने से सकारात्मक माहौल बनता है और मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी पूरी होती है।

ध्यान रखें कि झाड़ू खरीदने की संख्या और पूजा के तरीके को लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग परंपराएं हो सकती हैं। ऐसे में अपनी पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार त्योहार मनाना बेहतर है।

 

(Disclaimer: खबर धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है।The Midpost इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।)

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