Wedding Fraud Case in Gaya: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी रविंद्र कुमार बड़े अरमानों के साथ बिहार के गया पहुंचे थे। परिवार ने शादी की तैयारियों के लिए कर्ज तक लिया था। हिंदू रीति-रिवाज से मंदिर में शादी हुई, सात फेरे लिए गए और दुल्हन की मांग में सिंदूर भी भरा गया। शादी में सोने-चांदी के गहने भी पहनाए गए। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही घंटों में खुशियां परेशानी में बदल जाएंगी।
शादी के बाद अचानक बदल गई पूरी कहानी
मामला गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद नई नवेली दुल्हन सोने-चांदी के गहने, नकदी और कपड़ों से भरा बैग लेकर कथित एजेंट के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिवार को शक हुआ।
परिजनों के मुताबिक, शादी कराने के नाम पर पहले ही एक लाख रुपये नकद लिए गए थे। इसके अलावा दूल्हे के पैसे से दुल्हन के लिए कपड़े खरीदे गए और मेकअप पर भी खर्च कराया गया।
पहचान पत्र के बहाने दुल्हन को ले गया एजेंट
परिवार का कहना है कि शादी के बाद कथित एजेंट शकील ने पहचान पत्र की फोटो कॉपी कराने की बात कही। इसके बाद वह दुल्हन को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। परिवार काफी देर तक दोनों का इंतजार करता रहा, लेकिन वे वापस नहीं आए।
आरोप है कि विदाई से पहले शादी के वीडियो और मोबाइल में मौजूद तस्वीरें भी डिलीट करवा दी गई थीं। इसके बाद परिवार को कथित ठगी का अंदाजा हुआ।
कर्ज लेकर की थी शादी, लाखों के गहने भी दिए
रविंद्र के बड़े भाई के अनुसार, परिवार ने शादी के लिए कर्ज लिया था। शादी में सोने का मंगलसूत्र, झुमके, चांदी की पायल और बिछिया समेत कई कीमती सामान दिए गए थे। घटना के बाद परिवार आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी से भी गुजर रहा है।
पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
शिकायत मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दुल्हन की कथित बड़ी बहन और एक बिचौलिए को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, दुल्हन और कथित एजेंट अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे शादी के नाम पर ठगी करने वाला कोई संगठित गिरोह तो नहीं है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। दुल्हन और अन्य आरोपियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

