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शनिवार, सितम्बर 26, 2026
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Greater Noida news:नवंबर में होनी थी शादी, लेकिन बस हादसे ने उजाड़ दिया इंजीनियर का सपना

Noida news:ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे ने एक इंजीनियर की जिंदगी में ऐसा दुख भर दिया, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो पाएगी। दिल्ली आईआईटी में सुपर कंप्यूटर इंजीनियर मोहित शर्मा अपनी मंगेतर श्रुति की मौत के बाद फूट-फूटकर रो पड़े। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया।

शादी की तैयारियों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा

मोहित शर्मा ने बताया कि उनकी मुलाकात श्रुति से एक रिश्तेदार के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। नवंबर में दोनों की शादी तय थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

श्रुति दिल्ली से अपने घर लौट रही थीं। उन्हें अपनी बहन की जन्मदिन पार्टी में भी शामिल होना था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।

मंगेतर को अकेला छोड़ने का मन नहीं हुआ

मोहित ने बताया कि हादसे से कुछ घंटे पहले उन्होंने श्रुति को दिल्ली के कश्मीरी गेट पर बस में बैठाया था। रात करीब 8:40 बजे श्रुति बस से अपने घर के लिए रवाना हुईं। मोहित उन्हें अकेले बस में छोड़कर जाने को तैयार नहीं थे।

उन्होंने तुरंत श्रुति को फोन किया और उनसे बात करते हुए अपने स्कूटर से बस के पीछे चलने लगे। करीब 50 मिनट तक वह बस का पीछा करते रहे। इस दौरान दोनों फोन पर लगातार बातचीत करते रहे।

खाने की फोटो भेजकर किया था मैसेज

मोहित ने बताया कि रात करीब 10:19 बजे उन्होंने श्रुति को गुडनाइट कहा और सुबह उरई पहुंचने पर फोन करने के लिए कहा। उन्होंने श्रुति को खाने की फोटो भी भेजी थी और समय पर खाना खाने की सलाह दी थी।

लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह बातचीत उनकी मंगेतर से आखिरी बातचीत साबित होगी। खाने की फोटो भेजने के बाद भी जब श्रुति की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो शायद उन्हें इस अनहोनी का अंदाजा भी नहीं था।

सुबह मिली मंगेतर की मौत की खबर

सुबह करीब 6:30 बजे श्रुति की बहन बस स्टैंड पहुंचीं। वहां उन्हें बस ऑपरेटर से पता चला कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लग गई है। यह खबर सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

श्रुति के परिजनों ने मोहित को फोन करना शुरू किया। फोन की घंटी से उनकी नींद खुली और उन्हें हादसे की जानकारी मिली। वह तुरंत जेवर के कैलाश अस्पताल पहुंचे और अपनी मंगेतर को तलाशने लगे।

पोस्टमार्टम हाउस में हुई श्रुति की पहचान

अस्पताल में श्रुति का पता नहीं चलने पर मोहित को अन्य पीड़ितों से जानकारी मिली। इसके बाद वह सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मंगेतर के शव की पहचान की।

जिस लड़की के साथ कुछ महीने बाद शादी के सपने देखे थे, उसे इस हालत में देखकर मोहित टूट गए। पोस्टमार्टम के बाद श्रुति के परिजन उनका शव लेकर घर रवाना हो गए।

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