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Friday, May 15, 2026
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Fuel Crisis: भारत में किस राज्य में सबसे ज्यादा खर्च होता है पेट्रोल? जानिए ईंधन खपत में कौन सबसे आगे

Middle East में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसी बीच देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

प्रधानमंत्री की ओर से हाल ही में लोगों से ईंधन की बचत करने और गैरजरूरी यात्रा कम करने की अपील के बाद आम लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर भारत में सबसे ज्यादा पेट्रोल किस राज्य में खर्च होता है और किन राज्यों में इसकी खपत सबसे कम है।

भारत में कितना पेट्रोल खर्च होता है?

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में औसतन हर 100 लोगों पर प्रतिदिन करीब 10.4 लीटर पेट्रोल की खपत होती है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह आंकड़ा काफी अलग है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी राज्य में पर्यटन, शहरीकरण, निजी वाहनों की संख्या और सड़क यात्रा का पैटर्न ईंधन खपत को सीधे प्रभावित करता है।

पेट्रोल खपत में सबसे आगे ये राज्य

देश में सबसे ज्यादा पेट्रोल खपत वाले राज्यों की सूची में पर्यटन आधारित राज्य सबसे आगे हैं।

  • गोवा इस सूची में पहले स्थान पर है, जहां हर 100 लोगों पर रोजाना लगभग 52.4 लीटर पेट्रोल खर्च होता है।
  • दूसरे नंबर पर पुडुचेरी है, जहां यह आंकड़ा करीब 41 लीटर है।
  • वहीं चंडीगढ़ तीसरे स्थान पर है, जहां प्रति 100 लोगों पर लगभग 37.8 लीटर पेट्रोल की खपत दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन राज्यों में पर्यटकों की आवाजाही अधिक होने, टैक्सी सेवाओं और निजी वाहनों की बड़ी संख्या के कारण पेट्रोल की मांग ज्यादा रहती है।

इन राज्यों में सबसे कम खपत

कम वाहन संख्या और अलग परिवहन व्यवस्था वाले राज्यों में पेट्रोल की खपत काफी कम है।

  • बिहार देश में सबसे कम पेट्रोल खपत वाला राज्य है, जहां हर 100 लोगों पर रोजाना सिर्फ 3.3 लीटर पेट्रोल खर्च होता है।
  • इसके बाद पश्चिम बंगाल का स्थान है, जहां यह आंकड़ा करीब 5.1 लीटर है।

डीजल खपत में कौन आगे?

डीजल की बात करें तो भारत में औसतन हर 100 लोगों पर प्रतिदिन लगभग 21 लीटर डीजल खर्च होता है।

  • सबसे ज्यादा डीजल खपत अंडमान एंड निकोबार द्वीप समूह में दर्ज की गई, जहां यह आंकड़ा 144 लीटर तक पहुंच गया।
  • इसके बाद लद्दाख में लगभग 111 लीटर डीजल की खपत दर्ज की गई।

वहीं सबसे कम डीजल खपत फिर से बिहार में रही, जहां यह आंकड़ा करीब 6 लीटर प्रतिदिन रहा।

क्या बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

हाल ही में RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने संकेत दिए थे कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

ऐसे में सरकार लगातार ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

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