Crime News: मुंबई के घाटकोपर से एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। 35 वर्षीय सपना घांजी की मौत को शुरुआत में बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का निकला। पुलिस ने इस मामले में सपना की 65 वर्षीय सास धनलक्ष्मी घांजी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
बहू की हत्या के लिए 3 लाख रुपये की सुपारी
पुलिस के मुताबिक, सपना जून 2026 में अपने बेटे के साथ दुबई से मुंबई लौटी थीं। आरोप है कि करीब एक महीने बाद उनकी सास ने अपनी पुरानी नौकरानी मंगला जाधव से संपर्क किया और बहू की हत्या के लिए उसे कथित तौर पर 3 लाख रुपये की सुपारी दी।
पुलिस का कहना है कि सास और बहू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। सपना ने 2024 में अपने ससुराल वालों के खिलाफ कथित क्रूरता और घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में शिकायत भी की थी।
पहले हादसा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त की रात सपना घर में बेहोश मिली थीं। उनकी सास ने कथित तौर पर बताया कि बहस के दौरान सपना बाथरूम में गिर गई थीं।
17 अगस्त को उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोपहर करीब 12:41 बजे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पंत नगर पुलिस ने जांच शुरू की।लेकिन शव की जांच में पुलिस को कुछ ऐसे निशान मिले, जिनसे हादसे की कहानी पर संदेह पैदा हुआ।
गर्दन पर निशान और सिर पर चोट से खुला राज
पुलिस को सपना की गर्दन पर गहरे नीले निशान मिले। इसके अलावा सिर के बाईं तरफ चोट और खून के निशान भी पाए गए। इन सबूतों के बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच तेज कर दी।पूछताछ और CCTV फुटेज समेत तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को कथित साजिश की जानकारी मिली।
मिर्च पाउडर डाला, गिलास से सिर पर किया हमला
पुलिस का आरोप है कि सपना जब घर में अकेली थीं, तब आरोपी अलग-अलग समय पर वहां पहुंचे। कथित तौर पर पहले उनके सिर पर कांच के गिलास से हमला किया गया। इसके बाद उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया।
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कपड़े की मदद से उनका गला दबाया। पुलिस का आरोप है कि मंगला के पति सुरेश और बेटे साजन ने सपना की गर्दन पर पैर दबाकर उन्हें बचने का मौका नहीं दिया।इसके बाद कथित तौर पर घटनास्थल को इस तरह दिखाने की कोशिश की गई कि महिला की मौत बाथरूम में गिरने से हुई है।
सास समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने धनलक्ष्मी को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया। इसके बाद 18 अगस्त को मंगला जाधव, उसके पति सुरेश, 21 वर्षीय बेटी शिवानी और 19 वर्षीय बेटे साजन को गिरफ्तार किया गया।
पांचों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है। पुलिस अब कथित हत्या की साजिश, पैसों के लेनदेन और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
CCTV और मेडिकल जांच बनी अहम कड़ी
इस केस में CCTV फुटेज, शरीर पर मिले चोटों के निशान और अन्य तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए अहम साबित हुए। इन्हीं के आधार पर कथित हादसे की कहानी पर सवाल उठे और जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ी।
हालांकि, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है।

